जमीन पर जबरन कब्जे ने किसान के परिवार की ज़िंदगी उजाड़ कर रख दी। खेत में बुआई की तैयारी कर रहे किसान की जमीन पर लोगों ने पुलिस को लेकर कब्जा कर लिया, सदमे में किसान की जान चली गई। पटियाला के थाना भादसों के गांव रामपुर साहीएवाल में जबरन जमीन पर कब्जा किए जाने के सदमे में किसान की मौत हो गई।
इस मामले में किसान की पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने गांव के सरपंच और सभी पंचायत सदस्यों के अलावा चार और लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। साथ ही पंचायत के सभी सदस्यों को भी नामजद कर लिया है। लेकिन अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
थाना भादसों के अधिकारी जगदीश सिंह ने बताया कि बलजीत कौर निवासी गांव रामपुर साहीएवाल ने बयान दिया है कि गांव के सरपंच, सभी चार पंचायत सदस्यों के अलावा जसवंत सिंह, मेजर सिंह, हंसराज और गुरविंदर सिंह के साथ जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। कोर्ट ने बलजीत कौर के पक्ष में फैसला सुना दिया। कोर्ट का फैसला आनेके बाद पुलिस ने गत 11 मई को जमीन पर कब्जा भी दिला दिया।
बलजीत कौर ने बताया कि उसके पति अमरीक सिंह (48) 13 मई को जमीन पर बुवाई करने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान आरोपियों ने आकर उसके पति को धमकियां दीं और फिर जबरन जमीन पर कब्जा कर लिया। जमीन पर कब्जा होने के बाद अमरीक सिंह सदमे में आ गया और उसकी मौत हो गई।
पुलिस पहले केस दर्ज करने के लिए नहीं थी तैयार
पहले पुलिस मौत को सामान्य मानकर मामला निपटाना चाहती थी। लेकिन मृतक के घर वालों ने अमरीक का शव लेने से मना कर दिया। अब पुलिस ने सोमवार को बलजीत कौर की शिकायत पर किसान की मौत के मामले में रामपुर साहीएवाल के सरपंच, सभी चार पंचों और चार अन्य लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, जमीन पर जबरन कब्जा करने और धमकियां देने के आरोप में केस दर्ज कर लिया, इसके बाद घर वालों ने अमरीक का शव लेकर मंगलवार को उसका अंतिम संस्कार किया।