किसान मेजर सिंह खालसा और गुरजीत सिंह की फाइल फोटो।
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दिल्ली में चल रहे आंदोलन में ठंड से बीमार होने के बाद पांच दिन पहले लौटे पंजाब के फरीदकोट के गांव रामेआना निवासी किसान मेजर सिंह खालसा (68) की बुधवार सुबह मौत हो गई। भाकियू एकता सिद्धूपुर की रामेआना इकाई के प्रधान रणजीत सिंह व भाकियू एकता डकौंदा के नेता बेअंत सिंह रामनेआना ने बताया कि मेजर सिंह खालसा टिकरी बॉर्डर पर चल रहे धरने में डटे थे। वहां उन्हें ठंड लग गई। पांच दिन पहले वह गांव लौटे थे। उपचार के बाद भी उनकी हालत नहीं सुधरी। बुधवार सुबह उनकी मौत हो गई। किसान का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।
कर्ज से परेशान किसान ने की खुदकुशी
उधर, मुक्तसर जिले के गांव सम्मेवाली में कर्ज से परेशान किसान ने खुदकुशी कर ली। जानकारी के अनुसार गांव सम्मेवाली के किसान गुरजीत सिंह (35) पुत्र स्वर्ण सिंह के पास तीन एकड़ जमीन थी। उन पर पीएनबी और एचडीएफसी बैंक का करीब सात लाख रुपये कर्ज था। वर्ष 2018 में उन्होंने एक्सिस बैंक से कर्ज लेकर ट्रैक्टर भी लिया था।
मृतक के भाई रणजीत सिंह ने बताया कि बैंक अधिकारी आए दिन उनके घर कर्ज की रिकवरी के लिए आते थे। इससे गुरजीत परेशान रहने लगा। बुधवार सुबह उसने खेत में जाकर ट्रांसफार्मर से कपड़ा बांधकर खुदकुशी कर ली। एएसआई हरजिंदर सिंह ने बताया कि मृतक की पत्नी जसप्रीत कौर के बयान पर धारा 174 के तहत कार्रवाई कर शव परिजनों को सौंप दिया गया है।