आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के अध्यक्ष व सांसद भगवंत मान ने मुख्यमंत्री और शिअद की ओर से कृषि विधेयकों के बारे में की जा रही बयानबाजी पर किसान संगठनों को सचेत रहने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री और सुखबीर बादल पंजाब के किसान को नासमझ न समझें। वे अब दोनों की राजनीति को समझ चुके हैं।
भगवंत मान ने कहा कि पंजाब के लोगों ने 2017 में सूबे का नेतृत्व बड़ी उम्मीदों के साथ कैप्टन अमरिंदर सिंह को सौंपा था लेकिन अब तक मुख्यमंत्री किसी एक भी वर्ग की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। उन्होंने धोखा करने में गुरु साहिब को भी नहीं बख्शा, क्योंकि तख्त श्री दमदमा साहिब को हाजिर-नाजिर मानते हुए श्री गुटका साहिब की कसम खाकर किए वादे भी नहीं पूरे किए।
भगवंत मान ने कहा कि सुखबीर बादल की तरह अमरिंदर सिंह भी ‘डबल गेम’ खेलकर पंजाबियों खास कर किसानों को धोखे में रख रहे हैं। हाईपावर समिति के दौरान इन कृषि विधेयकों को चुपचाप सहमति और मोंटेक सिंह आहलुवालिया समिति का गठन जैसे फैसले अमरिंदर सरकार के दोहरेपन को दिखाते हैं।
बादल परिवार पर निशाना साधते हुए भगवंत मान ने कहा कि कैप्टन की तरह सुखबीर बादल भी पंजाब की जनता को नासमझ मानकर बयानबाजी कर रहे हैं। वास्तविकता यह है कि बादल परिवार मोदी का एजेंट बन कर रह गया है, क्योंकि ‘शाही परिवार’ की तरह बादलों के परिवार की कई कमजोरियां मोदी की अलमारी में पड़ीं हैं।