भारतीय कुश्ती संघ की पकड़ में अभी तक यूपी व राजस्थान के पहलवान ही फर्जीवाड़ा करते हुए पकड़ में आए थे। लेकिन अब हरियाणा में ऐसे फर्जीवाड़े का पहला मामला सामने आया है और इसमें भी फर्जीवाड़ा करने वाली महिला पहलवान है। हरियाणा खेल विभाग में नौकरी के लिए दीप्ति सिंह ने आवेदन करते हुए अपना दिल्ली में 2015 में हुई नेशनल रेसलिंग चैंपियनशिप में पंजाब की ओर से 61 किलो भार वर्ग में खेलने का प्रमाण पत्र लगाया। जिसे जांच के लिए भारतीय कुश्ती संघ के पास भेजा गया तो वहां से पता चला कि दीप्ति सिंह ने यह फर्जी प्रमाण पत्र बनवाया है।
भारतीय कुश्ती संघ ने साफ कर दिया कि किसी दीप्ति सिंह ने 2015 में नेशनल चैंपियनशिप में हिस्सा ही नहीं लिया है। वहीं इस तरह का मामला हरियाणा में सामने आने पर खेल विभाग ने भारतीय कुश्ती संघ से सभी प्रमाण पत्रों की जांच कराने के लिए कहा है, जिससे फर्जी प्रमाण पत्र के सहारे कोई नौकरी नहीं ले सके। किसी को खेल कोटे से नौकरी मिलती है तो उसके पहले खेल के प्रमाण पत्र की जांच कराई जाएगी और उसके बाद ही उसे ज्वाइन कराया जाएगा। जबकि अभी तक शपथ पत्र लेने के बाद भी ज्वाइन करा लिया जाता था और प्रमाण पत्र की जांच बाद में करा दी जाती थी।
हमारे पास नेशनल रेसलिंग चैंपियनशिप के प्रमाण पत्र हरियाणा खेल विभाग की ओर से जांच के लिए आए थे, जिनमें से अभी एक प्रमाण पत्र जांच के दौरान फर्जी मिला है। अन्य प्रमाण पत्रों की जांच की जा रही है उसके बाद पूरी स्थिति साफ होगी। -विनोद तोमर, ज्वाइंट सेक्रेटरी भारतीय कुश्ती संघ