वर्दी का रौब ही ऐसा है कि हर कोई इससे डरता है। और इसी डर का फायदा उठा कर लूट हो, तो फिर आप क्या कहेंगे। चौंकिए मत, दरअसल पुलिस की वर्दी में ये लूट पुलिस कर्मचारियों की तरफ से नहीं, ब्लकि फर्जी पुलिस वाले बन कर एक गिरोह कर रहा था। सीआईए स्टाफ के कर्मचारी बनकर लूटपाट करने वाले चार आरोपियों को कमिश्नरेट पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान लखवीर सिंह उर्फ लक्खा निवासी गुरुतेग बहादुर नगर नकोदर, जतिंदर कुमार उर्फ मनी निवासी मालड़ी नकोदर, मनदीप उर्फ बिल्ला निवासी गांव कोटली गाजरा थाना शाहकोट और संजय निवासी वडाला के रूप में हुई है।
एडीसीपी-टू रविंदरपाल सिंह संधू ने बताया कि चंदनपुर निवासी दलवीर सिंह ने आरोपियों के खिलाफ शिकायत की थी कि डेढ़ माह पहले वह अपने दोस्त के साथ इलाके की दो लड़कियों को कॉलेज में दाखिला दिलवाने जा रहे थे। रास्ते में स्विफ्ट डिजाइर कार (पीबी08 सीबी 1112) में चार युवक आए और उन्हें रोक लिया। चारों आरोपियों ने खुद को सीआईए स्टाफ के कर्मचारी बताते हुए उनकी जेब से जबरदस्ती 3600 रुपये निकाल लिए। एसीपी कैंट दविंदर कुमार चौधरी व एसीपी ट्रैफिक दिग्विजय कपिल ने बताया कि एएसआई गुरमेल सिंह ने मुलाजिमों के साथ जगराल में नाकाबंदी की हुई थी। इसी दौरान चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने आरोपियों से एक स्विफ्ट डिजायर कार, एक दातर बरामद की है। आरोपी मनदीप उर्फ बिल्ला के खिलाफ नशीले पाउडर का मामला थाना तलवंडी चौधरिया जिला कपूरथला में दर्ज है। पुलिस की प्राथमिक पूछताछ में इन आरोपियों ने तीन वारदातों को कबूल किया है। पुलिस सभी आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद रिमांड की मांग करेगी।