शहर में प्रतिदिन करीब 10 लोगों को शुरुआत के 92 नंबर से फर्जी काल आ रही है। काल करने का लक्ष्य जहां शहरवासी से धोखे से राशि ठगना है, वहीं पुलिस का साइबर सेल यह भी मान रहा है कि काल करने वाला हाईटैक तरीके से शहरवासी के मोबाइल और सिम कार्ड की भी क्लोनिंग कर लेता है।
ऐसे में फर्जी काल करने वाला मोबाइल धारक के मोबाइल का ईएमआई नंबर और सिम में सेव फोन नंबर और उसका भी नंबर चोरी करने का प्रयास करता है।
ऐसा करने वाला मोबाइल और मिस हैक करके दूसरे लोगों को तंग करना शुरू कर देता है। पुलिस को प्रतिदिन शिकायतें मिल रही हैं, लेकिन साइबर सेल ऐसे फर्जी काल करने वालों पर कार्रवाई करने के लिए कुछ नहीं कर पा रहा है और न ही ऐसी काल को आने से रोक पा रहा है।
पुलिस विभाग के अनुसार, 92 से आनी वाली अधिकतर काल पाकिस्तान से आ रही हैं। पुलिस विभाग में प्रतिदिन आईटी एक्ट के संबंधित एक से दो शिकायत दर्ज हो रही है।
पुलिस विभाग ने एक नई एसएसपी कार्यालय में शिकायत दर्ज की है। शिकायत के अनुसर, फर्जी काल 923076336268 से आई है। एसएसपी ने यह शिकायत जांच के लिए साइबर सेल भेज दी है।
डिप्टी मेयर को भी आ चुकी है ऐसी काल
नगर निगम के डिप्टी मेयर सतीश कैंथ को ऐसे ही 92 नंबर से फर्जी काल आ चुकी है। सतीश का कहना है कि काल करने वाले ने बताया कि उनका 10 लाख रुपये का ईनाम निकला है, लेकिन उन्होंने सुनते ही फोन काट दिया।
उनका कहना है कि हैरानी की बात यह है कि फोन करने वाले को पता होता है कि धारक किस कंपनी का सिम का प्रयोग कर रहा है।
एक पुलिस अधिकारी को भी आ चुकी है ऐसी काल
शहर के एक सीनियर पुलिस अधिकारी को भी ऐसी काल आ चुकी है। जब अधिकारी ने अपना पद बताया तब भी काल करने वाला नहीं माना और बात करता रहा।
पुलिस विभाग के अनुसार, काल करने वाला ज्यादा देर तक इसलिए बात करना चाहता है कि वह धारक के मोबाइल की पूरी जानकारी स्कैन कर सके।
नहीं उठाना चाहिए ऐसे फोन
आईटी एक्सपर्ट महेश गांधी का कहना है कि ऐसे अनजान फोन नहीं उठाने चाहिए। उनका कहना है कि अगर कोई उठा भी लेता है तो तुरंत मोबाइल काट देना चाहिए।
ज्यादा देर तक बात नहीं करनी चाहिए। उनका कहना है कि अब लोगों को मिस काल भी आती है ऐसी काल पर अपने फोन से काल नहीं करनी चाहिए।
ईनाम निकलने का देते हैं झांसा
फर्जी काल करने वाले मोबाइल धारक को बधाई देते हुए सबसे पहले लाखों रुपये का ईनाम निकलने की बात करते हैं। उसके बाद उन्हें ईनाम लेने के बदले में टैक्स जमा करवाने के लिए कहते है, इसके लिए बकयादा बैंक का खाता नंबर भी दिया जाता है।
इस साल ऐसी ठगी करीब एक दर्जन शहरवासियों के साथ हो चुकी है। पिछले माह साइबर सेल ने एक वकील की शिकायत पर आईटी एक्ट का मामला दर्ज किया है।
पिंजौर निवासी वकील के अनुसार किसी ने उसकी मेल हैक करके विदेशी बैंक का प्रतिनिधि बनकर उससे लाखों रुपये ठग लिए। डीएसपी (साइबर क्राइम) राजेश कालिया का कहना है कि इस तरह की फर्जी काल आने की विभाग को शिकायतें मिल रही हैं।
उनका कहना है कि सभी शिकायतों की जांच की जा रही है, लेकिन दूसरे देशों से काल आने के कारण जल्दी से आरोपी का सुराग नहीं लग पाता है। कालिया का कहना है कि ऐसी काल की अनदेखी करना चाहिए।