एक तरफ टिकट काउंटर पर लंबी लाइन और दूसरी ओर प्लेटफार्म पर निकलने को तैयार खड़ी ट्रेन। टिकट लेना भी जरूरी है और ट्रेन निकलने की टेंशन भी है।
घबराइए नहीं, अब बेखौफ होकर चढ़ जाइए ट्रेन में, बस सावधानी इतनी रखिए कि सीट पकड़ने की बजाए पहले सीधा टीटीई को मिलिए। वह आपको टिकट बना देगा। इसके लिए टीटीई को विशेष टिकट हैंड-हेल्ड मशीन उपलब्ध करवाई जानी शुरू हो चुकी हैं।
अभी करना पड़ेगा इंतजार:
पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इनको चुनिंदा ट्रेनों में ही चलाया जा रहा है। प्रथम चरण में सुपरफास्ट ट्रेन जैसे लखनऊ मेल, गरीब रथ, राजधानी सुपरफास्ट आदि के टीटीई को मशीनें उपलब्ध करवाई गई हैं।
रोहतक से चलने वाली दो सुपरफास्ट ट्रेनें इंटरसिटी और गोरखधाम एक्सप्रेस अभी इस योजना के दायरे में नहीं आई हैं। इस योजना की कामयाबी कनेक्टिविटी पर भी निर्भर करेगी।