पंजाब में 85 साल से अधिक उम्र के कुल 1,89,855 और 1,58,718 दिव्यांग मतदाता हैं। इस बार 70 पार के लक्ष्य को पूरा करने के लिए भारतीय निर्वाचन आयोग की ओर से इन दोनों श्रेणी के मतदाताओं के लिए घर से वोट डालने की सुविधा शुरू की गई है।
पंजाब में इसी हफ्ते से घर बैठे वोट डालने की सुविधा शुरू हो जाएगी। जाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी सिबिन सी ने बताया कि हर जिले में डीसी कम जिला निर्वाचन अधिकारी को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। जो लोग घर से ही वोट डालना चाहते हैं, उनके जिला प्रशासनिक स्तर पर पहले से ही फार्म भरवा लिए गए थे, अब निर्वाचन आयोग की टीम वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों के घर-घर जाकर उनके वोट डलवाएगी।
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सीईओ सिबिन सी ने बताया कि प्रदेश में 85 साल से अधिक उम्र के कुल 1,89,855 और 1,58,718 दिव्यांग मतदाता हैं। इस बार 70 पार के लक्ष्य को पूरा करने के लिए भारतीय निर्वाचन आयोग की ओर से इन दोनों श्रेणी के मतदाताओं के लिए यह विशेष सुविधा शुरू की गई है। प्रदेश में 2 करोड़ 14 लाख 61 हजार 739 मतदाता हैं। इनमें एक करोड़ 12 लाख 86 हजार 726 पुरुष और एक करोड़ 01 लाख 74 हजार 240 महिला वोटर और 773 ट्रांसजेंडर मतदाता हैं।
जो वरिष्ठ नागरिक और दिव्यांग पोलिंग बूथ पर आकर मतदान करना चाहते हैं, उनके लिए वाहनों के विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्रदेश भर में कुल 24,451 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं, इनमें 16, 517 गांवों और 7,934 शहरों में पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं। सीईओ ने बताया कि शहरों में मतदान प्रतिशत अकसर कम देखने को मिलता है, उपर से गर्मी के बढ़त प्रकोप को देखते हुए मोहाली, जीरकपुर और प्रदेश के अन्य शहरी हिस्से जहां हाउसिंग सोसाइटी, अपार्टमेंट और कॉम्प्लेक्स हैं, वहां भी विशेष पोलिंग स्टेशन बनाएगए हैं, ताकि शहरी आबादी वाले क्षेत्र में मतदान का प्रतिशत बढ़ाया जा सके।