चंडीगढ़। वर्ष 2011 में अपने कॅरिअर के पहले ही एक दिवसीय मैच में मेरा सामने दुनिया के महान गेंदबाजों में से एक शेन वॉर्न से हुआ। वह मैच आज भी याद है। मैं शेन वॉर्न की फिरकी में उलझ कर रह गया था। शुक्रवार को पूर्व आस्ट्रेलियाई क्रिकेटर शेन वॉर्न के निधन के बाद शहर के क्रिकेटर दिनेश मोंगिया ने उन्हें याद करते हुए यह बात कही।
मोंगिया ने कहा कि शेन वॉर्न एक महान खिलाड़ी थे। वह भले ही दुनिया को अलविदा कर चुके हैं लेकिन उनकी गेंदबाजी हमेशा युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा देती रहेगी। खासकर उनकी फिरकी। वह दुनिया में महान लेग स्पिनरों में से एक थे। उनका अचानक से ऐसे चले जाना किसी सदमे से कम नहीं। खेल जगत के लिए यह अपूरणीय क्षति है।
पीसीए स्टेडियम में की थी घातक गेंदबाजी
वॉर्न की घातक गेंदबाजी का ट्राइसिटी के क्रिकेट प्रशंसक भी प्रत्यक्ष गवाह बने थे। बात वर्ष 1996 वर्ल्ड कप के दूसरे सेमीफाइनल की है। मोहाली के पीसीए स्टेडियम में आस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज का मैच चल रहा था। शेन वॉर्न पूरे फार्म में थे। उनकी फिरकी के जाल में वेस्टइंडीज के बल्लेबाज फंसकर रह गए। वॉर्न ने इस महत्वपूर्ण मैच में 36 रन देकर चार विकेट झटके। साथ ही वेस्टइंडीज के जबड़े से जीत भी छीन ली। शेन वॉर्न वर्ष 2008 के पहले आईपीएल सीजन में चैंपियन बनी राजस्थान रॉयल्स टीम के कप्तान थे। तब उनकी टीम पीसीए स्टेडियम में किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ मैच खेला था। अपनी टीम के साथियों के साथ वह चंडीगढ़ के होटल में रुके थे। मोहाली में भारत और श्रीलंका की टीमों के बीच टेस्ट मैच खेला जा रहा है। शेन वॉर्न के निधन पर यह संभव है कि दूसरे दिन का खेल के समय उन्हें श्रद्धांजलि दी जाए।
बच्चों को हमेशा देते थे बॉलिंग के टिप्स
शहर के खेल प्रशिक्षक रॉकी सुमनदीप सिंह ने बताया कि शेन वॉर्न की फिरकी जितनी कठिन थी, उनका स्वभाव उतना ही सरल था। जैसे ही उन्हें समय मिलता था, वह बच्चों को बॉलिंग के टिप्स देते थे। रॉकी ने बताया कि वर्ष 2016 में वह किंग्स इलेवन पंजाब के स्टाफ में थे। इस दौरान इंदौर में एक मैच के दौरान उन्हें शेन वॉर्न के साथ लगभग एक घंटा बिताने का मौका मिला। यह मेरे जीवन के अविस्मरणीय क्षणों में से एक है।