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मोटापा और डायबिटीज को दूर करना है, PGI के डॉक्टरों की ये टिप्स अपनाएं

Sun, 05 Nov 2017 06:25 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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सिटी ब्यूटीफुल धीरे-धीरे डायबिटीज कैपिटल बनती जा रही है। शहर के करीब 14.6 फीसदी लोग डायबिटीज से पीड़ित है। जबकि इतने ही व्यक्ति प्री डायबिटीज की चपेट में हैं। इसका एक ही कारण है कि लोग फास्ट फूड का सेवन अधिक कर रहे और उसके मुकाबले एक्सरसाइज बिल्कुल न के बराबर। इससे बचने का सिर्फ यही तरीका है कि रोज एक्सरसाइज करें। अब सवाल है कि एक्सरसाइज कितनी की जाए?
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पीजीआई के इंडोक्राइनोलॉजी डिपार्टमेंट के प्रोफेसर डॉ. संजय बडाडा बताते हैं कि मोटापे को कंट्रोल करने और डायबिटीज से बचने के लिए रोजाना 30 मिनट तक एक्सरसाइज करें। आठ मिनट में कम से कम एक किलोमीटर चले। यदि रोज इतना चलते हैं तो मोटापा और डायबिटीज जैसी बीमारियां दूर रहेंगी। यह बात प्रोफेसर संजय बडाडा ने पीजीआई में आयोजित एनसीडी की वाकॉथन के दौरान सेक्टर-17 प्लाजा में कही।
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- फोटो : File Photo
उनका कहना है कि डायबिटीज को रोका जा सकता है, मगर एक बार हो गई तो पूरी जिंदगी दवा खानी पड़ती है। यदि जल्दी डायबिटीज हो गई तो उम्र बढ़ने के साथ वह कई अंगों पर प्रभाव भी डालता है। इसलिए रोज एक्सरसाइज करें और कम से कम फास्ट फूड का सेवन करें। उन्होंने बताया कि प्रेग्नेंसी के दौरान डायबिटीज कॉमन हो गया है। जो बच्चे कुछ बीमारियों के साथ जन्म ले रहे हैं तो उसका एक कारण डायबिटीज है।

यदि प्रेग्नेंसी के दौरान डायबिटीज हो गई तो दो जिंदगी पर भारी पड़ सकता है। एक बच्चा और उसकी मां पर। यह उन लोगों पर खतरा ज्यादा है, जिनका वेट ज्यादा है। जो 35 साल की उम्र के बाद प्रेग्नेंट होती हैं या फिर जिनकी फैमिली हिस्ट्री डायबिटीज की है। इस दौरान उन्होंने लोगों को डायबिटीज से होने वाली परेशानियों और उसके इलाज के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

मोबाइल वैन से डायबिटीज का इलाज
चेन्नई से आए डॉ. वी. मोहन ने बताया कि मोबाइल वैन से डायबिटीज का इलाज आसान हुआ है। उनके मुताबिक उन्होंने मोबाइल वैन तैयार की हुई है, जिसमें ट्रेंड टेक्नीशियन को रखा गया है। टेक्नीशियन जांच करते हैं और जांच रिपोर्ट डॉक्टरों को दिखाते हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर मरीजों का इलाज होता है। इससे दूरदराज के गांवों में भी डायबिटीज का इलाज किया जा रहा है।
 
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