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Exclusive: हरियाणा के डीजीपी बोले-टेक्नोलॉजी के साथ बदल गया है अपराध का तरीका, बनाएंगे ये प्लान

Wed, 17 Jul 2019 04:05 AM IST
ajay kumar अवधेश शुक्ला, अमर उजाला, पंचकूला (हरियाणा)
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हरियाणा के डीजीपी मनोज यादव - फोटो : अमर उजाला
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टेक्नोलॉजी के साथ अपराध करने के तरीके भी बदल गए हैं। प्रदेश मे नशे के साथ ही सफेदपोश और साइबर क्राइम तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि इस पर शिकंजा कसने का खाका भी तैयार कर लिया है।

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प्रदेश की पुलिस ‘तू डाल-डाल तो मैं पात-पात’ की कहावत को जल्द हकीकत में बदलने वाली है। अपराधी भले ही कितना शातिर क्यों न हो, वह पुलिस की कार्रवाई से बच नहीं पाएगा’ यह कहना है हरियाणा के डीजीपी मनोज यादव का। वह मंगलवार को अमर उजाला से विशेष मुलाकात के दौरान बातचीत कर रहे थे। 

उन्होंने बताया कि सड़क हादसों से लोगों को बचाने के लिए प्रदेश में ‘रोड सेफ्टी’ अभियान चलाया जाएगा। इसे सफल बनाने के लिए वह खुद फील्ड में उतरेंगे। डीजीपी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में अपराधियों ने प्रदेश के बड़े व्यापारियों को निशाना बनाया है। 
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भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों, इसकी भी तैयारी पूरी कर ली गई है। हालांकि प्लान का खुलासा उन्होंने नहीं किया लेकिन इतना जरूर बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर प्रथम चरण में ऐसे सभी स्थानों को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया जाएगा, जहां फुटफॉल सबसे अधिक है। इसके अलावा प्रत्येक शहर के एंट्री और एग्जिट प्वाइंट को सीसीटीवी कैमरे की जद में लाया जाएगा, ताकि अपराधी पकड़े जा सकें। 

वुमन थाने में चाइल्ड केयर की भी होगी व्यवस्था

हरियाणा के डीजीपी - फोटो : अमर उजाला
डीजीपी मनोज यादव ने बताया कि महिला अपराध से संबंधित केसों के तत्काल निदान के लिए महिला थाने खोले गए हैं। इसका महिलाएं पूरा फायदा भी उठा रही हैं, लेकिन थाने में आने वाली महिलाओं को अभी भी कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा है। 

उनके पास कई शिकायतें और सुझाव आए हैं, जिसे वह तत्काल लागू करने जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अभी तक प्रदेश के किसी भी महिला थाने में महिलाओं के लिए विश्रामालय व बच्चों की देखभाल की सुविधा नहीं है। प्रथम चरण में हर थाने में चाइल्ड केयर और विश्रामालय की व्यवस्था की जाएगी। 

यातायात समस्या का तलाशा जाएगा विकल्प
डीजीपी ने कहा कि प्रदेश में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में ट्रैफिक समस्या गंभीर विषय है। लेकिन ऐसा नहीं है कि इसका कोई सॉल्यूशन नहीं है। ट्रैफिक प्रॉब्लम से कैसे निपटा जा सकता है, इसके लिए प्रदेश के एक्सपर्ट से राय ली जाएगी और उनके विचारों पर मंथन करके अमलीजामा पहनाया जाएगा। 

उन्होंने कहा कि कई जगह तो ट्रैफिक नियमों की अनदेखी के चलते जाम लगता है। सर्वे रिपोर्ट की मानें तो ट्रैफिक नियमों की अनदेखी सबसे ज्यादा शिक्षित लोग करते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि वेला विस्टा होटल से अकसर लोग रॉन्ग साइड में आते देखे जा सकते हैं। जब वह पंचकूला में बतौर एसएसपी तैनात थे तो गाड़ी में ही चालान बुक रखते थे और जिसे ट्रैफिक नियमों की अवहेलना करते देखते थे, उसका मौके पर ही चालान काटते थे। 
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‘हिस्ट्री ऑफ हरियाणा पुलिस को करेंगे री-लांच’

17 साल पहले और अब के क्राइम नेचर में जमीन-आसमान का अंतर आ गया है। उन्होंने बताया कि सन 2002 में उन्होंने ‘हिस्ट्री ऑफ हरियाणा पुलिस’ बुक लिखी थी, जिसका विमोचन देश के तत्कालीन उपप्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी ने किया था। उन्होंने कहा कि अब इस बुक को अपग्रेड करने का समय आ गया है। 17 साल में जिस तरह से अपराध के तरीके में बदलाव आया है इसे कंट्रोल करने की थ्योरी को भी बुक में समायोजित करेंगे।

यूएनओ मिशन से बहुत कुछ सीखा
डीजीपी मनोज यादव ने कहा कि पिछले दिनों यूएनओ मिशन दौरे से बहुत कुछ सीखने को मिला है। उन्होंने बताया कि मिशन में करीब 70 देशों के पुलिस अधिकारियों ने हिस्सा लिया। मिशन की खासियत ये थी कि जिम्मेदारी किसी को भी पोस्ट के मुताबिक नहीं दी जाती थी, बल्कि कार्य को देखते हुए उसे जिम्मेदारी सौंपी गई।

कई ऐसे अधिकारी भी देखने को मिले जो वहां कांस्टेबल के तौर पर कार्य कर रहे थे। उन्होंने बताया कि टीम के साथ बेहतर सामंजस्य कैसे बैठाना है और रिजल्ट कैसे हासिल करना है, ये बहुत अच्छी तरह बताया गया।
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