चंडीगढ़। यूटी प्रशासन के आबकारी एवं कराधान विभाग ने अंतर-राज्य शराब तस्करी पर रोक लगाने के लिए अपने प्रयासों को तेज कर दिया है। साल 2024 में पंजाब आबकारी विभाग ने चंडीगढ़ को पत्र भेजकर शराब की बिक्री के स्रोतों की पहचान करने को कहा था। विभाग ने इस मामले में संबंधित राज्यों को पत्र भेजे हैं ताकि शराब की बिक्री के स्रोत की कड़ी को जोड़ा जा सके और तस्करों को कानून के दायरे में लाया जा सके। विभाग को उम्मीद है कि पंजाब से जल्द ही आवश्यक जानकारी मिलेगी, जिससे दोषियों को पकड़ा जा सके। इसके अलावा आबकारी नीति 2024-25 के तहत विभाग ने शहर में 119 निरीक्षण किए हैं, जिनमें 25 निरीक्षण बॉटलिंग प्लांट, 26 रेस्तरां एंड बार और 68 शराब विक्रेताओं के हैं। ये निरीक्षण यह सुनिश्चित करने के लिए किए जा रहे हैं कि सभी कानूनी प्रावधानों का पालन हो। विभाग ने अब तक 29,946 बोतलों को जब्त किया है और अवैध गतिविधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है। विभाग ने सभी लाइसेंसधारकों के लिए ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम लागू किया है, जो शराब के उत्पादन और वितरण की रियल-टाइम मॉनिटरिंग करता है। इस सिस्टम का अनुपालन न करने पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। विभाग पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय की प्रक्रिया को मजबूत कर रहा है ताकि चंडीगढ़ में बिकने वाली शराब का स्रोत ट्रेस किया जा सके। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि आबकारी अधिनियम के तहत उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।