थाना प्रभारी दीपचंद ने बताया कि प्राथमिक जांच में मामला सुसाइड का लग रहा है। अंदेशा जताया जा रहा है कि इंस्पेक्टर राजपाल ने मोबाइल और कागजात कमरे में रखने के बाद तीसरी मंजिल छलांग लगाई होगी।
वहीं, परिजनों ने भी किसी पर हत्या का शक नहीं जताया। पूछताछ में परिजनों ने मानसिक रुप से परेशान होने की बात बताई है। इंस्पेक्टर के भाई हरि सिंह ने अपने बयान में किसी पर शक नहीं जताया है।
शाम सात बजे पत्नी और बेटे से हुई थी बात
भाई सुरेश ने बताया कि गुरुवार की शाम सात बजे राजपाल ने घर फोन किया था। पत्नी और बेटे से घर न आने की बात कही थी। बातचीत के दौरान कोई टेंशन जैसी बात सामने नहीं आई थी। राजपाल छह भाईयों में चौथे नंबर पर था। राजपाल के दो बेटे थे, जिनमें से एक बेटे की करीब तीन साल पहले घर पर मौत हो गई थी।
दूसरे बेटे की शादी के बाद पत्नी मायके चली गई। यह मामला कोर्ट में चल रहा है। इसे लेकर भी लड़की वालों के व्यवहार से राजपाल परेशान चल रहा था। लेकिन, वह सुसाइड कर सकता है कि इस पर विश्वास नहीं हो रहा। कार्यालय के कर्मचारियों ने भी राजपाल के परेशान रहने की बात कही। लेकिन वो सुसाइड कर लेंगे इस बारे किसी ने सोचा तक नहीं था। राजपाल ने कुछ माह पहले वीआरएस लेने की भी बात कही थी।
लघु सचिवालय के तीसरी मंजिल पर एनआईसी ऑफिस के बाहर एक सीसीटीवी लगा हुआ है। लेकिन, इस कैमरे की जद में पूरी गैलरी नहीं है। राजपाल के कमरे से निकलते हुए की फुटेज नहीं है। ऐसे में पूरे मामले की जानकारी पुलिस को नहीं मिल पा रही है।
लघु सचिवालय की सुरक्षा पर सवाल
जिला लघु सचिवालय में सभी फ्लोर पर सीसीटीवी नहीं हैं। ऐसे में सचिवालय में आने जाने वाले लोगों के बारे में पूरी जानकारी नहीं होती। डीसी व एसपी ऑफिस के बाहर सीसीटीवी लगे हुए हैं। सचिवालय में अंदर जाने के लिए आने से दो गेट और पीछे से भी दो गेट है। सचिवालय कैंपस में भी कैमरे नहीं है। ऐसे में भवन और पूरे कैंपस के लिए जिला प्रशासन को और सीसीटीवी लगवाने की जरूरत है।
इंस्पेक्टर की मौत के बाद पुलिस को मामले का खुलासा करने में कठिनाई आ रही है। पुलिस को पता नहीं चल पा रहा कि राजपाल कब कमरे से निकला और कब तीसरी मंजिल से छलांग लगाई। डीसी डॉ. गरिमा मित्तल ने बताया कि लघु सचिवालय में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। यदि सुरक्षा के लिहाज से और जरूरत होगी तो एसपी से विचार विमर्श के बाद और कैमरे लगाएं जाएंगे।