आबकारी नीति को लेकर पंजाब में गरमाई सियासत के बीच राज्य सरकार की हलचल तेज हो गई है। आबकारी व कराधान विभाग ने राज्य की डिस्टिलरी में मौजूद स्टाक की जांच शुरू कर दी है और 73 आबकारी इंस्पेक्टरों के तबादला आदेश भी जारी कर दिए हैं। विभाग के नए प्रिंसिपल सेक्रेटरी ए. वेणु प्रसाद ने राज्य में शराब की बिक्री को लेकर गड़बड़ी के मामले खंगालने शुरू कर दिए हैं। बता दें कि हाल ही में मुख्य सचिव और मंत्रियों के बीच विवाद होने के बाद पंजाब सरकार ने मुख्य सचिव से उक्त ओहदा वापस लेकर सौंपा था
उनका कहना है कि मुख्यमंत्री ने उन्हें सख्त हिदायत दी है कि कोई भी कोताही न बरती जाए और न ही कोताही करने वाले को बख्शा जाए। उन्होंने कहा कि राज्य में अवैध शराब की बिक्री किसी भी कीमत पर नहीं होने दी जाएगी। विभिन्न डिस्टिलरीज में मौजूद स्टाक की जांच की गई है। कई जगह स्टाक के रिकॉर्ड में गड़बड़ी पाई गई है, जिसके चलते वहां स्टाक सील कर दिया गया है।
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उल्लेखनीय है कि डिस्टिलरी में स्टाक की जांच की उक्त मुहिम के तहत कांग्रेस के सीनियर नेता राणा गुरजीत सिंह की डिस्टलरी की भी जांच की गई है। हालांकि विभाग ने इसके संबंध में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी है लेकिन पता चला है कि जिन 73 एक्साइज इंस्पेक्टरों के तबादले किए गए हैं, उनमें राणा गुरजीत की डिस्टलरी में तैनात इंस्पेक्टर भी शामिल है।