एक्स सर्विस लीग चंडीगढ़ की जनरल बॉडी की मीटिंग रविवार को सेक्टर-24 स्थित सरदार गुरशरण सिंह भवन में हुई। बैठक में सभी मेंबर पहुंचे और अपने मुद्दे उठाए।
प्रेसिडेंट कर्नल मलकीत सिंह और कर्नल सीजेएस खैरा ने बताया कि सेना के रिटायर्ड अधिकारियों के साथ भारत सरकार दोहरा रवैया अपना रही है। उन्हें जो हक मिलना चाहिए, वह नहीं मिल पा रहा।
देश की रक्षा के लिए जवान सेना में शामिल होता है और उसे ऐसे समय पर रिटायर कर दिया जाता जब वह किसी दूसरी फील्ड में जाने के लिए लायक नहीं रहता।
ऐसे में उसे सरकार द्वारा दी जाने वाली पेंशन पर निर्भर रहना पड़ता है। सरकार को चाहिए कि वे जल्द से जल्द एक्स सर्विसमैन के मुद्दों पर सुनवाई करे और सुलझाने की दिशा में काम करे।
यदि सरकार ऐसा नहीं करती है तो एक्स सर्विस मैन सरकार के खिलाफ आंदोलन करेगी और जब तक समस्या नहीं सुलझती तब तक डटे रहेंगे।
सेना के लिए हो अलग पे कमीशन
एक्स सर्विसमैन ने बताया कि उनकी सबसे बड़ी मांग सातवें पे कमीशन को लेकर है। सेना के लिए अलग पेय कमीशन होना चाहिए, क्योंकि जवान सीमा पर तैनात रहते हैं।
कभी भी उन्हें आतंकवादियों से लड़ना पड़ता तो कभी आपदाओं से। चौथे पे कमीशन की अब तक खामियां दूर नहीं की गई। डिसेबिलिटीज पेंशन की खामियां अब भी बरकरार हैं।
1996 से पहले वालों पर यह पेंशन लागू नहीं होती। इस मौके पर कर्नल बीएस ढिल्लन, बिग्रेडियर जेएस राजपाल, बिग्रेडियर कुमार, मेजर एचएस कंग, कर्नल जेएस कांडा सहित कई लोग मौजूद रहे।
13 प्रदेशों ने माफ किया, पंजाब हरियाणा चंडीगढ़ ने नहीं
कर्नल मलकीत व कर्नल खैरा ने बताया कि हरियाणा पंजाब व चंडीगढ़ के एक्ससर्विसमैन के लिए अब तक प्रापर्टी टैक्स माफ नहीं किया गया है, जबकि उत्तराखंड सहित 13 प्रदेशों ने एक्ससर्विसमैन के लिए माफ कर दिया है।
पंजाब हर बार नई पहल करता है, लेकिन प्रापर्टी टैक्स के बारे में अब तक कोई पहल नहीं की गई है। इसी तरह टोल टैक्स भी एक्स सर्विसमैन से वसूला जा रहा है, जबकि सेना में मौजूदा अफसर व जवानों का माफ कर दिया गया है। इसी तरह डिस्पेंसरी में भी ऐसा हो रहा है।