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पूर्व रणजी खिलाड़ी का आरोप- 'किसानों से कौड़ियों के भाव जमीन लेकर पीसीए को करोड़ों में बेचा गया'

Sun, 01 Sep 2019 10:08 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब के पूर्व रणजी खिलाड़ी राकेश हांडा ने पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन के पूर्व सचिव गुरसेवक सिंह वालिया और 2007-08 में रही पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन की मैनेजमेंट पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

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राकेश हांडा के मुताबिक, 2007-08 में मोहाली के मुल्लांपुर में एसोसिएशन ने क्रिकेट स्टेडियम बनाने के लिए एक ट्रस्ट को जमीन अधिग्रहण के निर्देश दिए थे लेकिन स्वतंत्र ट्रस्ट बनाने की बजाय उस वक्त के पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव जीएस वालिया ने यूनिवर्सल ट्रस्ट नाम का अपना ट्रस्ट बना लिया और किसानों से कौड़ियों के दाम ली गई 36 एकड़ जमीन को उस वक्त के बाजार भाव से ऊंचे दाम पर करीब 42 करोड़ के आसपास पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन को बेच दिया।

हांडा ने आरोप लगाया कि उस वक्त जमीन की कीमत करीब 10 लाख रुपये प्रति एकड़ थी जबकि जमीन को करीब सवा करोड़ रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन को बेचा गया। यह आरोप पूर्व रणजी खिलाड़ी राकेश हांडा ने शनिवार को शहर में आयोजित एक प्रेसवार्ता में के दौरान लगाए। साथ ही जल्द ही इस पूरे मामले की सीबीआई जांच करवाने की मांग की।
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प्रेसवार्ता के दौरान हांडा ने कहा कि मुल्लांपुर में जो स्टेडियम को बनाया जा रहा है, उस पर 350 करोड़ रुपये से भी ज्यादा खर्च आने की संभावना है। राकेश के मुताबिक, लोढ़ा कमीशन के मुताबिक, एक ही जिले में दो अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम नहीं हो सकते। पंजाब में बठिंडा और फिरोजपुर के आसपास दूसरा स्टेडियम बनाया जाना था लेकिन पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन ने 2007 में तमाम नियमों को ताक पर रखकर मोहाली में ही एक दूसरा स्टेडियम बनवाना शुरू कर दिया जबकि मोहाली में पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन के पास पहले से ही एक अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम मौजूद है।

ट्रस्ट से मेरा कोई लेना देना नहीं, पीसीए ने किसानों को सीधे पैसे दिए: वालिया
इस संबंध में जब पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन के पूर्व सचिव जीएस वालिया से बात की गई तो उन्होंने कहा कि ट्रस्ट से मेरा कोई लेना-देना नहीं हैं। मेरा अपना कोई ट्रस्ट नहीं है, लेकिन जब किसानों से जमीन खरीदनी थी तो जनरल पॉवर ऑफ अटार्नी में मेरा नाम डाला गया था क्याेंकि ओनरशिप पीसीए को देनी थी। ऐसे में पॉवर ऑफ अटार्नी पीसीए के नाम नहीं हो सकती थी। उन्हाेंने कहा कि स्टेडियम वाली जगह के पैसे पीसीए की ओर से सीधे किसानाें को दिए गए हैं। मेरे पास सभी दस्तावेज मौजूद हैं।

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