कांग्रेस की दमदार नेता और तीन बार दिल्ली के मुख्यमंत्री के तौर पर सियासत में नए आयाम स्थापित करने वाली शीला दीक्षित का पंजाब के कपूरथला से खास रिश्ता रहा है।
यहां जन्म लेने के बाद शीला दीक्षित ने अमृतसर रोड स्थित हिंदू पुत्री पाठशाला में प्रारंभिक शिक्षा हासिल की। दो साल यहां शिक्षा हासिल करने के बाद शीला दीक्षित दिल्ली चली गईं थीं।
कपूरथला में उनके नाना वीएन पुरी का घर भी पुराने रियासत के समय के बने घर जैसा है, जहां पर उनका जन्म हुआ। इस समय उनके ननिहाल परिवार का कोई भी सदस्य यहां नहीं है। उनके नाना वीएन पुरी का करीब दो वर्ष पहले निधन होने के बाद पूरा परिवार दिल्ली शिफ्ट हो गया था। इस समय उनके पुश्तैनी घर में महिला केयरटेकर है।
जिस स्कूल में शीला दीक्षित ने शिक्षा हासिल की, उस समय की प्रबंधकीय समिति में उनके नाना वीएन पुरी भी शामिल रहे। शीला दीक्षित का कुछ बचपन सुल्तानपुर लोधी रोड पर सिविल अस्पताल के सामने स्थित परमजीत गंज व मोहल्ला शेरगढ़ में बीता। बेशक वह दिल्ली में पली-बढ़ी, लेकिन 1931 में वह अपने ननिहाल घर में ही रही।
मुख्यमंत्री बनने के बाद भी वह कई बार कपूरथला आती रहीं। हिंदू पुत्री पाठशाला स्कूल की प्रबंधकीय समिति के प्रधान विजय कुमार खोसला ने बताया कि यह हमारे स्कूल के लिए गर्व की बात है कि मुख्यमंत्री शीला दीक्षित यहां से पढ़ी हैं। बेशक उनका शिक्षाकाल महज दो साल का रहा है। उन्होंने बताया कि शीला दीक्षित का जन्म कपूरथला में परमजीत गंज स्थित उनके नाना वीएन पुरी के घर हुआ था।
मुख्यमंत्री बनने के बाद भी वह यहां आती रहीं। स्कूल के स्थापना दिवस समारोह में दिल्ली मुख्यमंत्री होते हुए भी यहां पहुंची थी। स्कूल के चौकीदार राम समुज के अनुसार वह तीस साल से यहां तैनात है। जब शीला दीक्षित यहां आई तो उन्हें मिली थी और तभी पता चला था कि वह इस स्कूल में पढ़ी हैं।