राणा गुरजीत सिंह का भतीजा गिरफ्तार
पेशी के लिए आए पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री राणा गुरजीत सिंह के भतीजे राणा प्रभदीप सिंह को खरड़ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उसे करीब 17 साल पुराने लेबर कोर्ट से जुड़े एक मामले में अदालत की ओर से भगोड़ा घोषित किया गया था। पुलिस ने उसे तब गिरफ्तार किया, जब वह करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के एक अन्य मामले में पेशी भुगतने पहुंचा था। दिलचस्प है कि पुलिस ने राणा प्रभदीप सिंह की गिरफ्तारी के बाद उसे वीआईपी ट्रीटमेंट दी गई। उसे चंडीगढ़ नंबर की एसी वेरना कार में बैठाकर थाने से कोर्ट ले जाया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पेशी के दौरान किसी भी तरह से ऐसा नहीं लगा कि राणा प्रभदीप सिंह आरोपी है। स्थिति ऐसी थी मानो पेशी के वक्त पुलिस मुलाजिम उसकी मेहमाननवाजी में जुटे हों। राणा प्रभदीप के खिलाफ मुल्लांपुर थाने में दर्ज धोखाधड़ी के एक केस में सोमवार को खरड़ अदालत में सुनवाई होनी थी। इसी बीच सिटी थाने की पुलिस को पता चला कि आरोपी एक पुराने मामले में वर्षों से भगोड़ा घोषित है, तो पुलिस की टीम अदालत पहुंच गई। जैसे ही राणा प्रभदीप सिंह अदालत के बाहर आया, पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसे थाने ले जाया गया। वहीं, देर शाम आरोपी को पेशी के लिए थाने से दोबारा कोर्ट लाया गया।
राणा पर पहले भी मेहरबान हुई थी पुलिस, वीडियो हुआ था वायरल
राणा प्रभदीप सिंह के वकील का कहना है कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि प्रभदीप सिंह किसी केस में भगोड़ा घोषित किया जा चुका है। गौरतलब है कि जब पूर्व में मुल्लांपर थाने की पुलिस की ओर से प्रभदीप आरोपी को पकड़ा गया था, उस समय भी उसे वीआईपी ट्रीटमेंट दी गई थी। तब इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
यह है मामला
आरोपी की गांव माजरी में राणा पेपर मिल थी, जिसमें वह डायरेक्टर था। मिल में गांव सियालबा का लाभ सिंह काम करता था। साल 2001 में लाभ सिंह को कंपनी से बिना किसी नोटिस के निकाल दिया गया। इसे लाभ सिंह ने 2002 में लेबर कोर्ट में चुनौती दी। लेबर कोर्ट ने लाभ सिंह के हक में फैसला सुनाया। साथ ही आदेश दिया था कि लाभ सिंह को कंपनी की ओर से सारे लाभ दिए जाएं। लेबर कोर्ट ने खरड़ अदालत को आदेश का पालन कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन कंपनी की तरफ से लाभ सिंह को कोई लाभ नहीं मिला। उधर, मामले में राणा प्रभदीप कभी अदालत में पेश नहीं हुआ। इसी वजह से अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था।
एसएचओ सतनाम सिंह बोले...
थाना सिटी खरड़ के एसएचओ सतनाम सिंह का कहना है उनके पास एक ही सरकारी गाड़ी है। जिसे लेकर वह कोर्ट गए हुए थे। इस तरह वे आरोपी को प्राइवेट कार में अदालत में पेश करने के लिए लेकर गए थे। जबकि दोबारा सरकारी गाड़ी में थाने लाए हैं। आरोपी को थाना सिटी खरड़ के मुलाजिम शाम को पहुंचने के लिए अदालत पहुंच गए थे। हालांकि जज ने कहा आरोपी को इतनी जल्दी पेश करने की क्या जरूरत थी। अदालत ने आरोपी को मंगलवार सुबह पेश करने के आदेश दिए है।