मुख्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार ऐसे अवैध कनेक्शनों को 31 मार्च 2020 तक वैध किया जाए, इसके लिए सरकार द्वारा एक योजना बनाई गई है। जिसके तहत विभाग द्वारा कर्मचारी घर-घर जाकर अवैध कनेक्शन को वैध करने के लिए मकान मलिक से सहमति लेकर मौके पर ही वैध कनेक्शन की सारी प्रक्रिया पूरी करेगा। उन्होंने जिला उपायुक्तों को निर्देश देते हुए कहा कि इस मिशन के तहत किए जा रहे कार्यों की साप्ताहिक समीक्षा करें।
जल जीवन मिशन के तहत सरकार द्वारा कार्यात्मक घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध करवाने के लिए रोड कट शुल्क के रूप में लिये जाने वाले 2000 रुपये माफ किए गए हैं। इसके अलावा, नये कनेक्शन लेने के लिए नागरिकों को दो विकल्प दिए जाएंगे, जिसके तहत नागरिक नये कनेक्शन शुल्क के रूप में 500 रुपये देंगे या वर्तमान सरकारी दर के अनुसार सामान्य कनेक्शन के लिए 50 रुपये (40 रुपये फ्लेट रेट जमा 10 रुपये अतिरिक्त) और अनुसूचित जाति कनेक्शन के लिए 30 रुपये (20 रुपये फ्लेट रेट जमा 10 रुपये अतिरिक्त) देने होंगे, इस प्रकार कनेक्शन शुल्क के रूप में 500 रुपये की अदायगी पूर्ण होगी।
31 लाख में से अभी 16 लाख ग्रामीण घरों में कनेक्शन
प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 31.32 लाख घर हैं और सर्वे के आधार पर 16.67 लाख घरों में कार्यात्मक घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध हैं तथा शेष 14.56 लाख घरों का सर्वे 31 मार्च तक पूरा करने का टारगेट रखा गया है। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2022 तक शत प्रतिशत घरों में कार्यात्मक घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध करवाने के लक्ष्य के तहत तीन चरणों में कार्य योजना तैयार की गई है। पहले चरण में 30 सितंबर तक 22.07 लाख घरों, दूसरे चरण में 30 जून, 2021 तक 25.20 लाख घरों और तीसरे व अंतिम चरण में 31.32 लाख घरों को शत प्रतिशत कार्यात्मक घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध करवाए जाएंगे।