भले ही हमें गिरफ्तार कर लो, लेकिन प्लीज हमारा घर दिला दो। अब हम परेशान हो गए हैं। कुछ ऐसा ही दर्द दिखा उन लोगों का, जिन्हें पैसे खर्च करने के बावजूद फ्लैट नहीं मिला।
आखिरकार, वे रविवार को सेक्टर-9 में बिल्डर जीवन गर्ग के घर का घेराव करने पहुंच गए। ये वही लोग थे, जिन्हें जीवन गर्ग की कंपनी की तरफ से पीरमुच्छला में बनाए गए रॉयल एंप्यार में दो साल से फ्लैट की पजेशन नहीं मिली है, जबकि फ्लैट की लगभग पूरी कीमत अदा कर चुके हैं। जिन्हें फ्लैट की पजेशन नहीं मिली है, उनकी संख्या करीब 436 है।
गुस्साए लोगों ने रविवार को सेक्टर-9 की सड़क पर जाम भी लगाया और पुलिस को भी स्थिति संभालने में खासी मशक्त करनी पड़ी।
पुलिस का कहना था कि सड़क जाम करना गैरकानूनी है, जबकि लोग जीवन गर्ग को घर से बाहर बुलाने पर अड़े थे। आखिर में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से थाने में शिकायत देने की बात कही और उचित कार्रवाई का भी आश्वासन दिलाया।
जमानत पर है जीवन गर्ग
रॉयल एंप्यार में फ्लैटों का निर्माण पूरा नहीं किया गया है। लोगों का आरोप है कि उनके साथ ठगी हुई है। इसी मसले पर जीवन गर्ग व परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ पंचकूला व जीरकपुर में दर्जनभर मामले भी दर्ज हैं और जीवन गर्ग फिलहाल जमानत पर हैै।
प्रदर्शन करने आए विजय अरोड़ा, बिट्टू, संजय नरूला व प्रदीप गोयल ने बताया कि उन्होंने मेहनत की कमाई से फ्लैट खरीदे हैं, लेकिन उन्हें फ्लैट का कब्जा नहीं दिया जा रहा है।
प्रापर्टी बूम खत्म होते ही अरमानों पर फिरा पानी
कुछ समय पहले जब प्रॉपर्टी बाजार में बूम था तो उसमें जीवन गर्ग ने एक के बाद एक कई प्रोजेक्ट तैयार किए। रॉयल एंप्यार वन, टू के अलावा एक-दो प्रोजेक्ट और भी थे।
इन प्रोजेक्ट में लोगों के पैसा लगते गए, लेकिन एक भी प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ा। प्रॉपर्टी का बूम खत्म हो गया और जीवन गर्ग लापता। फिर उन लोगों ने मामले दर्ज कराने शुरू कर दिए, जिनके पैसे फंसे थे।
एक के बाद एक कई मामले दर्ज हुए। जीवन गर्ग व उसका बेटा गिरफ्तार हुआ।