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Chandigarh News: 56 दिन भी कॉलेज प्रशासन के हाथ खाली, आखिर कब सामने आएगी सच्चाई

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चंडीगढ़। जीएमसीएच-32 नर्सिंग ऑफिसर फर्जीवाड़े में 56 दिन बाद भी कॉलेज प्रशासन के हाथ खाली हैं। स्थिति यह है कि 19 अप्रैल को सामने आ चुके मामले में जांच के लिए दो कमेटिया बनाई जा चुकी हैं। दोनों ने रिपोर्ट भी सौंप दी है, लेकिन अब तक हकीकत सामने नहीं आ सकी है। कॉलेज प्रशासन को यह तो पता चल गया है कि नियुक्ति में फर्जीवाड़ा हुआ है, लेकिन किस तरह से हुआ है यह जानने में काफी मुश्किलें सामने आ रही हैं। जांच कमेटी ने 42 चयनित अभ्यर्थियों के कंप्यूटर सर्टिफिकेट के ऑन लाइन रिकार्ड उपलब्ध न होने की जानकारी दे दी है। उसके बावजूद उसकी सच्चाई पता नहीं की जा सकी है। बता दें कि अब तक नियुक्त हो चुके 118 अभ्यर्थियों में से 76 के ही ऑनलाइन कंप्यूटर सर्टिफिकेट उपलब्ध हो पाए हैं जबकि 42 अभ्यर्थी की रिपोर्ट जांच के घेरे में है। मामला सामने आने के छह दिन बाद भी परिणाम ढाक के तीन पात ही है जबकि 9 जून को कॉलेज की डायरेक्टर प्रिंसिपल डॉ. जसविंदर कौर ने कहा था 42 अभ्यर्थियों को बुलाकर साक्ष्यों की जांच की जाएगी। सूत्रों का कहना है कि मामला अब भी वहीं है, क्योंकि प्रशासन के पास जांच करने के लिए तकनीक ही उपलब्ध नहीं है। सर्टिफिकेट की जांच के लिए साइबर एक्सपर्ट की जगह कॉलेज के आईटी सेल से मदद ली जा रही है जबकि अब तक के मामले से एक बात साफ हो चुकी है कि फर्जीवाड़े में आईटी की अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लिया गया है।
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