टीईटी पास बेरोजगार ईटीटी शिक्षकों ने रविवार को पुलिस सुरक्षा के बावजूद रोपड़ हेडवर्कस पुल पर जाम लगा दिया और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान पांच महिलाओं समेत करीब दस शिक्षक सतलुज पुल की रेलिंग पर चढ़ गए। सभी के हाथ में पेट्रोल की बोतलें थी और वे आत्महत्या की धमकी दे रहे थे।
पुलिस-प्रशासन ने शिक्षकों को मनाने की कोशिश की लेकिन शिक्षक नहीं माने। सुबह साढे़ आठ बजे से दोपहर डेढ़ बजे तक शिक्षक पुल पर डटे रहे। इस दौरान गर्मी के कारण दो शिक्षक सुखजिंदर सिंह मोहाली और हरजीत कौर बेहोश हो गए जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।
दोपहर करीब डेढ़ बजे एसडीएम हरसुहिंदरपाल सिंह, एसपी हरमीत सिंह हुंदल, जीएस पाबला, डीएसपी हरबीर सिंह अठवाल और वरिंदरजीत सिंह ने प्रदर्शनकारी शिक्षकों को लिखित में सोमवार 2 बजे पंचायत मंत्री सिकंदर सिंह मलूका और मुख्यमंत्री के प्रिंसिपल सचिव के साथ मीटिंग करवाने का आश्वासन देकर जाम को खुलवाया।
जाम हटाओ तब बात करवाएंगे
पुलिस ने शिक्षकों को सरकार के साथ मीटिंग करवाने की बात कह कर तीन बार मनाने की कोशिश की पर यूनियन के नेता लिखित में आश्वासन पर अड़े रहे। पुलिस ने शिक्षकों को कहा कि वह पहले जाम हटाएं, तभी उनकी किसी के साथ बात करवाई जाएगी, लेकिन शिक्षक नहीं माने। इस खींचतान में प्रदर्शन पांच घंटे तक चलता रहा।
4900 पद खाली हैं, 1500 की भरती में क्या दिक्कत
यूनियन के उपाध्यक्ष जोगिंदर सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार टीईटी टेस्ट लेने के बावजूद उन्हें भरती नहीं कर रही। सरकार के पास 4900 पद खाली है और टीईटी पास शिक्षक सिर्फ 1500 है पर फिर भी सरकार उनकी भरती नहीं कर रही। इससे पहले भी उनकी सरकार से कई बार मीटिंग हो चुकी है और मुख्यमंत्री ने जल्दी ही उनकी भरती करने का भरोसा भी दिया था पर आज तक वह बेरोजगार घूम रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूनियन अध्यक्ष हरिंदरपाल सिंह शेरगिल पिछले आठ दिनों से विकास भवन के बाहर भूख हड़ताल पर बैठे है पर सरकार ध्यान नहीं दे रही।
कांग्रेस शिक्षकों के साथ : राना केपी सिंह
कांग्रेस के पूर्व विधायक और सीपीएस राना केपी सिंह भी कुछ कांग्रेसी नेताओं को साथ लेकर शिक्षकों को समर्थन देने पहुंचे और उनके साथ धरने पर बैठे। इस दौरान राना ने कहा कि कांग्रेस शिक्षकों का समर्थन करती है और अगर सरकार किसी भी प्रकार का कोई एक्शन लेती है तो वह शिक्षकों के साथ खड़े रहेंगे। शिक्षक जहां भी प्रदर्शन करेंगे तो वह उनका साथ देंगे। राना केपी ने आत्महत्या करने की धमकी पर कहा कि शिक्षक अपनी जवानी को जाया न जाने दें।
पुलिस लाठी उठाती, शिक्षक पेट्रोल छिड़क लेते
इस प्रदर्शन के दौरान जब भी पुलिस लाठीचार्ज करने की तैयारी करती तो रेलिंग पर चढ़े शिक्षक पेट्रोल छिड़क कर खुद को आग लगाने की धमकी देते जिसके कारण पुलिस बल का प्रयोग नहीं कर सकी। पुलिस ने प्रदर्शन से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड, कंबल आदि का इंतजाम किया हुआ था। इस दौरान सुखदीप मानसा, सुखदेव, लखविंदर सिंह, मुनीश फाजिल्का, हरदीप पटियाला, संदीप मोगा, भूपिंदर बठिंडा, गुरविंदर मोहाली और गुरप्रीत मोरिंडा ने शिक्षकों को संबोधित किया।
जाम से रुका ट्रैफिक, लोग हुए परेशान
जाम के दौरान पुल के दोनों तरफ पांच घंटे ट्रैफिक रुका रहा। ऐसे में लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। गौरतलब है कि चंडीगढ़ से अमृतसर के लिए इस पुल से होकर जाना पड़ता है। जाम में फंसे एक व्यक्ति ने कहा कि उनका रिश्तेदार पीजीआई में इलाजरत है और वह उसे खून देने पीजीआई जा रहा था, पर जाम में फंस गया। वहीं एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि उसकी चंडीगढ़ से फ्लाइट है पर वह समय पर नहीं पहुंच पाएगा। जाम के दौरान कई मरीज भी परेशान होते रहे पर शिक्षकों ने किसी को भी पुल से गुजरने नहीं दिया।
2013 में पास की थी टीईटी, अब तक खा रहे धक्के
सरकार ने 2013 से टीईटी पास इन शिक्षकों को एक विज्ञापन के जरिये भरती करने की बात कही। इन शिक्षकों ने एक हजार रुपये की फीस भरकर आवेदन दिया पर सरकार की ओर से आज तक इन्हें भरती नहीं किया गया। शिक्षकों ने बताया कि यूनियन के कई लोगों ने राज्य के 16 से लेकर 22 जिलों में भरती के लिए आवेदन दिया जिसमें उन्हें एक हजार रुपये प्रति जिला फीस भरनी पड़ी पर इसके बावजूद आज तक सरकार ने उनकी ओर ध्यान नहीं दिया।
इन शिक्षकों में विवेक ने 19 जिलों में, अमरिंदर सिंह ने 20, बलजिंदर सिंह ने 16, जनक रानी, रेखा रानी, लखविंदर सिंह ने 22 जिलों और हरदीप कौर ने हजारों रुपये खर्च कर 20 जिलों में भरती के लिए आवेदन दिया।
गुप्त रखा था अपना प्रदर्शन
दरिया सतलुज पर बना हेडवर्कस पुल सुरक्षा के लिहाज से इतना महत्वपूर्ण है कि पुल के दोनों तरफ 24 घंटे सुरक्षा कर्मी तैनात रहते हैं। फिर भी शिक्षक दो बसों मेें आए और पुल के बीच बस रुकवाकर जाम लगाने में सफल हो गए। लगभग चार साल पहले भी ईटीटी शिक्षकों ने ऐसा ही प्रदर्शन किया था और इसके बाद से पुलिस ने पुल पर चौकसी बढ़ा दी। जब से हलके के विधायक डॉ. दलजीत सिंह चीमा शिक्षा मंत्री बने हैं, तब से ही पुलिस शिक्षकों के हर धरने और प्रदर्शन को सफल नहीं होने दे रही थी पर रविवार को ईटीटी शिक्षक ने अपने प्रदर्शन को गुप्त रखा और पुल पर जाम लगा दिया।