Punjab And Haryana Highcourt Chandigarh
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पंजाब में ईटीटी शिक्षकों की भर्ती में देरी के चलते शिक्षकों के टावर पर चढ़ने के मामले में शुक्रवार को पंजाब सरकार को एक बार फिर हाईकोर्ट की फटकार पड़ी। भर्ती प्रक्रिया के तहत नियुक्ति पाने वालों से पहले हलफनामा न लेने और अब हलफनामे में समय लगने की बात पर हाईकोर्ट ने पूछा कि नेताओं के फोन उठाकर जी हजूरी करने के अलावा क्या अधिकारियों को और कुछ नहीं आता। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को 588 शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर शनिवार को रिकॉर्ड पेश करने के आदेश दिए हैं।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट में अमिकस क्यूरी तनु बेदी ने बताया कि टावर पर चढ़े दूसरे शिक्षक को समझाने का बहुत प्रयास किया गया, लेकिन वह नीचे नहीं आया। शिक्षक ने कहा कि नौकरी नहीं होगी तो परिवार वापस नहीं आएगा, ऐसे में किसके लिए मैं उतर कर नीचे आऊं। हाईकोर्ट ने इस पर पंजाब सरकार से पूछा कि नियुक्ति प्रक्रिया की क्या स्थिति है। इस पर पंजाब सरकार की ओर से मौजूद एडिशनल एडवोकेट जनरल मनीषा गांधी ने कोर्ट को बताया कि सरकार 4500 और 2005 शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया में रिक्त बचे 588 पदों के लिए 17 दिसंबर से नियुक्ति पत्र देेना आरंभ कर चुकी है।
इस पर हाईकोर्ट ने पूछा कि इन पदों को किस आधार पर भरा जा रहा है। सरकार की ओर से बताया गया कि 4500 शिक्षकों की भर्ती में से समान्य के 293, बीसी के 75 और एससी के 144 पद पर नियुक्ति देनी है। वहीं 2005 शिक्षकों की भर्ती में सामान्य के132, बीसी के 37 और एससी के 77 पदों पर नियुक्ति दी जानी है। हालांकि कोर्ट केस के चलते कुछ पदों को अभी रिक्त छोड़ने का निर्णय लिया गया है।