डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने भ्रष्टाचार और घटिया कारगुजारी के आरोप में एक्साइज टैक्सेशन विभाग के पांच अफसरों पर कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए हैं। एक असिस्टेंट एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर और तीन एक्साइज टैक्सेशन अफसरों का कंपल्सरी रिटायरमेंट करने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि एक ईटीओ को बर्खास्त करने की हिदायत जारी की गई है।
जानकारी के मुताबिक पटियाला में एईटीसी डीएस गिल जोकि पटियाला में सीनियर ऑडिटर हैं के अलावा तीन ईटीओ, मोहाली के सुरिंदर कुमार अग्रवाल, लुधियाना की उर्वशी गोयल व पटियाला के हरप्रीत सिंह पर कार्रवाई की गई है। घटिया कारगुजारी के चलते इन्हें जबरन सेवामुक्त करने के आदेश दिए गए हैं।
पंजाब सिविल सेवा नियमावली के तहत ग्रुप ए व बी के अधिकारियों की कारगुजारी की नियमित पड़ताल होती है। नियमानुसार खराब कारगुजारी वाले अधिकारियों को जबरन सेवामुक्त किया जा सकता है। इसके अलावा ईटीओ बलजिंदर सिंह को बर्खास्त कर दिया गया है। वह 2012 में भरती हुआ था, अभी प्रोबेशन पीरियड में था।
डीलर भूषण अग्रवाल ने उसके खिलाफ एक लाख रुपये रिश्वत लेने की शिकायत की थी। अग्रवाल ने बातचीत की रिकॉर्डिंग भी पेश की थी। इस मामले की जांच डीईटीई जालंधर डिवीजन सरोजिनी गौतम शारदा ने की। बलजिंदर सिंह ने आरोपों को नकारा।
पर जांच में आया कि इसके पास अग्रवाल का केस पेंडिंग था। वे दोनों एक रेस्टोरेंट में मिले थे। वहां की रिकॉर्डिंग से स्पष्ट हो गया कि पैसों का लेन-देन हुआ था। जिसकेबाद डिप्टी सीएम ने उसे बर्खास्त करने के आदेश दिए।