शक्ति रानी के रूप में भाजपा को मिला मजबूत ब्राह्मण चेहरा
विनोद शर्मा और कार्तिकेय शर्मा ने नहीं ज्वाइन की भाजपा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। जींद की रैली में भाजपा का दामन थामने वाले जजपा के तीन विधायकों और पूर्व मंत्री विनोद शर्मा की पत्नी व अंबाला नगर निगम की मेयर शक्ति रानी शर्मा के भाजपा का दामन थामने के बाद से भाजपा में टिकटों के समीकरण बदल गए हैं। संभावना है कि चारोंं नेताओं को भाजपा टिकट देकर विधानसभा चुनाव में उतारे।
इनमें जोगीराम सिहाग को बरवाला, अनूप धानक को उकलाना और रामकुमार गौतम को नारनौंद से उतारे जा सकते हैं। हालांकि, नारनौंद से पूर्व मंत्री कैप्टन अभिमन्यु पहले से मजबूत दावेदार हैं, लेकिन चर्चा है कि उनकी सीट बदली जा सकती है। इसी प्रकार, हरियाणा जन चेतना पार्टी के प्रमुख विनोद शर्मा की पत्नी के भाजपा में जाने से तस्वीर साफ हो गई है कि शर्मा परिवार भाजपा के साथ आ गया है। हालांकि, इस दौरान केवल शक्ति रानी शर्मा ने ही भाजपा ज्वाइन की है। हालांकि उनके बेटे और राज्यसभा सदस्य कार्तिकेय शर्मा भी मंच पर मौजूद रहे, लेकिन विनोद शर्मा नहीं दिखे।
विनोद शर्मा अंबाला सिटी से मजबूत दावेदार हैं और पहले यहां से विधायक भी रहे हैं। शक्ति रानी शर्मा के भाजपा में आने से साफ हो गया है कि वह चुनाव लड़ सकती हैं और भाजपा उनको टिकट दे सकती है। शर्मा को भाजपा में शामिल कर भाजपा जीटी रोड पर ब्राह्मण समाज को साधने की कोशिश में है, क्योंकि विनोद शर्मा का ब्राह्मण समाज पर खासा प्रभाव है। लोकसभा चुनाव में भी उन्होंने भाजपा के लिए खुलेतौर पर ब्राह्मण सम्मेलन किया था। 2019 में अंबाला सिटी से जीते असीम गोयल की सीट बदलकर पंचकूला की जा सकती है। भाजपा सूत्रों के अनुसार चारों नेताओं को टिकट का आश्वासन दिया गया है, उसके बाद ही उन्होंने भाजपा का दामन थामा है।
दुष्कर्म का केस दर्ज होने से सुरजाखेड़ा की ज्वाइनिंग अधर में
दुष्कर्म के आरोप में फंसे नरवाना से जजपा विधायक रामनिवास सुरजाखेड़ा की ज्वाइनिंग अधर में लटक गई है। पहले वह भाजपा में शामिल होने वाले थे, लेकिन ऐन मौके पर उनके खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज होने के बाद भाजपा ने उनसे किनारा कर लिया है। जजपा से वह पहले ही बगावत कर चुके हैं और कांग्रेस भी उनसे दूरी बनाए हुए है।