25 करोड़ के घोटाले के आरोपी तीन बोगस डीलरों के खिलाफ इकोनोमिक ऑफेंस विंग (ईओडब्ल्यू) ने एफआईआर दर्ज की है। इनमें एके ट्रेडिंग कंपनी, विनीता एंटरप्राइजेज और एचएस ग्रुप के नाम शामिल हैं। एफआईआर के बाद तीनों डीलरों की गिरफ्तारी को लेकर चंडीगढ़ पुलिस ने तैयारी शुरू कर दी है। जल्द ही गिरफ्तारी को लेकर पुलिस उनके संभावित ठिकानों पर दबिश देगी।
डीसी मनदीप सिंह बराड़ ने अगस्त 2019 में 25 करोड़ रुपये के घोटाले में शहर के पांच बोगस स्क्रैप डीलरों पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे।
बता दें कि 25 करोड़ के घोटाले में इन तीन बोगस स्क्रैप डीलरों के साथ अन्य दो डीलरों ने भी बिलों में हेराफेरी कर करीब 87 करोड़ रुपये की ट्रांजेक्शन की थी। चंडीगढ़ में रजिस्टर्ड इन पांच डीलर्स ने इनपुट टैक्स क्रेडिट के जरिए हेरफेर कर करोड़ों रुपये अंदर कर लिए थे। एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट ने ऐसे 20 जीएसटीएन नंबर वाले बोगस डीलर्स की सूची जारी की थी, जो बिना कुछ खरीदे-बेचे सिर्फ इनपुट टैक्स क्रेडिट के जरिए सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगा रहे थे।
पांचों डीलर्स चंडीगढ़ के बाहर गांवों में स्क्रैप का काम करते थे। डिपार्टमेंट को जीएसटी में इनपुट टैक्स क्रेडिट में हेराफेरी का शक हुआ तो इनकी ट्रांजेक्शन चेक की गई। पता चला कि लोकल लेवल पर इन्होंने कोई ट्रांजेक्शन ही नहीं की। इसके बाद टेक्सेशन डिपार्टमेंट ने कार्रवाई की।