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ऑनलाइन थिएटर फेस्टिवल से किया लोगों का मनोरंजन, साथी कलाकारों की मदद भी की

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शहर की वरिष्ठ रंगकर्मी अनीता सब्दीक। - फोटो : CHANDIGARH
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चंडीगढ़। जिदंगी को जिंदादिली के साथ जीना चाहिए। बस इसके लिए हौसले की जरूरत है। कलाकार कभी रुकता नहीं सीरीज के तहत आज हम आपको एक ऐसे कलाकार के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने लॉकडाउन के दौरान बेकार बैठने की बजाय ऑनलाइन थियेटर फेस्टिवल करवा डाला। ये कलाकार हैं वरिष्ठ रंगकर्मी, सुचेतक रंग मंच नाटक ग्रुप की निर्देशक और सुचेतक स्कूल ऑफ आर्ट्स की डायरेक्टर अनीता सब्दीश। लॉकडाउन के दौरान इन्होंने एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया और इसके जरिये अपने जरूरतमंदों साथियों की मदद भी करती थीं।
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अमर उजाला से खास बातचीत में अनीता सब्दीश ने बताया कि लॉकडउन में सबकुछ रुक सा गया था। खासकर रंगमंच से जुड़े कलाकारों को घरों में बैठने पर मजबूर कर दिया था। उस समय मैंने बेकार बैठने की बजाय कुछ अलग करने की ठान ली। उन्होंने बताया कि अप्रैल महीने में क्वारंटाइन ऑनलाइन थिएटर फेस्टिवल करवा डाला। इस फेस्टिवल में तीन नाटकों को यू ट्यूब पर अपलोड करवा डाले। यह तीन नाटक थे चल अमृतसर लंदन चलिए, लाल कलेर और अगली सदी द- 47। ऑनलाइन होने के नाते ये तीनों नाटक विदेशों में बैठे लोगों को काफी पंसद आए और मेरे काम की भी काफी तारीफ हुई। शहर में लॉकडाउन के दौरान यह पहला ऑनलाइन थिएटर फेटिवल रहा।
कलाकारों की मदद से मिलता है सुकून
अनीता सब्दीश ने कहा कि कोरोना के चलते बीते छह महीने से थियेटर बंद पड़े हैं। इस वजह से कलाकारों को काम नहीं मिल रहा है। ऐसे में जिन कलाकारों की रोजीरोटी थियेटर से ही चलती थी, वह काफी संकट में हैं। उन्होंने कहा कि इस संकट के दौरान ट्राइसिटी के थियेटर ग्रुप के कलाकारों का एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया। इस ग्रुप के जरिए जरूरमंदों को नंबर शेयर कर उनकी मदद की गई। किसी की मदद करने से जो संतोष मिलता है उसे शब्दों में बया नहीं किया जा सकता।
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नेशनल अवॉर्ड से हो चुकी हैं सम्मानित
अनीता सब्दीश ने 1991 में ‘नया जन्म’ नाटक से कलाकार के तौर पर अपना सफर शुरू किया। तीन साल में 30 नाटकों में कलाकार के तौर पर काम किया। इनमें प्रसिद्ध नाटकों में इतिहास दे सफे में गदरी गुलाब कौर का किरदार आज भी लोगों की जुबान पर हैं। वहीं 1993 में सुचेतक रंगमंच थिएटर गु्रप बनाया। इस ग्रुप के निर्देशक के तौर पर अनीता ने अब तक 45 नाटक बना डाले। वहीं वर्ष 2011 में संगीत नाटक अकादमी की ओर से नेशनल अवार्ड जीत चुकी हैं। इसके साथ ही पंजाअ अकादमी दिल्ली की ओर से बेस्ट कलाकार का अवार्ड भी जीत चुकी हैं।
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