चंडीगढ़। यूटी प्रशासन के इंजीनियरों ने काम करना छोड़ दिया है। उनका कहना है कि जब तक एफआईआर से एसडीओ का नाम नहीं हटाया जाता तक तक विरोध जारी रहेगा। इंजीनियरों ने शुक्रवार को दिन भर बैठकें की। सबसे पहले सचिवालय में सभी इंजीनियरों की बैठक बुलाई। इंजीनियरों के काम छोड़े जाने के कारण कई काम प्रभावित हुए हैं। कोई भी मेंटेनेंस का काम नहीं हो पाया है। ठेकेदारों के पेमेंट भी रुक गए हैं। उन्होंने कहा कि मांग मांग पूरी नहीं होने तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।
यूटी इंजीनियर्स एसोसिएशन चंडीगढ़ के प्रेस सचिव इंजीनियर सुधीर बतरा ने बताया कि करीब 150 इंजीनियर, जिसमें जेई से लेकर एक्सईन तक शामिल हैं, ने काम करना बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि 24 जुलाई को चंडीगढ़ के डीलक्स बिल्डिंग में दुर्भायपूर्ण घटना घटी। इसमें यूटी चंडीगढ़ अधीनस्थ सेवा संघ के अध्यक्ष रंजीत मिश्रा और महिलाओं सहित कई आउटसोर्स कर्मचारियों द्वारा एसडीओ बलजिंदर सिंह चहल पर हमला किया गया। यह सरकारी नियमों का उल्लंघन है। एसोसिएशन की मांग है कि सरकारी अधिकारियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। जनता की सेवा करने की उनकी क्षमता से समझौता करने वाली कोई भी कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि क्राॅस एफआईआर की गई है, उसमें से एसडीओ का नाम हटाया जाए। साथ ही रंजीत मिश्रा पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि चीफ इंजीनियर, प्रशासक के सलाहकार और चंडीगढ़ के प्रशासक से भी इस संबंध में मिलेंगे।