ट्रीनिटी अस्पताल में शनिवार से दो दिवसीय चौथा ट्रीनिटी इंडोस्कोपिक स्पाइन एंड नी कोर्स 2013 शुरू हुआ।
इसमें इंडोस्कोपिक और नी सर्जरी का लाइव डेमो दिखाया गया। इसके अलावा स्पाइन और नी सर्जरी से जुड़ी नई टेक्नीक के अलावा स्पोट्स इंजरी के बारे में भी चर्चा की गई।
कार्यशाला में देश-विदेश के डॉक्टरों ने शिरकत की। इंडोस्कोपिक डिस्क सर्जरी के जनक डॉ. जीन डीस्टेनडाउ ने बताया कि यह सर्जरी स्पाइन डिसआर्डर में एक क्रांति है।
इस सर्जरी से मरीजों को काफी राहत पहुंची है। ओपेन स्पाइन सर्जरी से बड़ा कट लगाना पड़ता था। इससे काफी दर्द होता है।
मरीजों की रिकवरी भी काफी दिन बाद होती है। इससे इंफेक्शन का भी डर रहता। इंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी से सबसे बड़ा फायदा यह है कि मरीजों को एक दिन में छुट्टी दी जा सकती है।
इस मौके पर ट्रीनिटी हास्पिटल का शुभारंभ किया गया। डॉ. मोहिंदर कौशल ने बताया कि उनके हास्पिटल में स्पाइन केयर व नी रिस्प्लेसमेंट के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
दो दिन के स्पाइन कोर्स में एक्सपर्ट को काफी कुछ सीखने को मिलेगा। उनकी योजना 100 बेड के हॉस्पिटल खोलने की योजना है।
नी गुरु डॉ. अनंत जोशी ने बताया कि जब से 20-20 क्रिकेट आया है, तब से क्रिकेटरों में एंजरी बढ़ गई है। उन्होंने यंग क्रिकेटरों को सलाह दी कि वे खुद को ओवरलोड न करें।
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