चंडीगढ़ में शनिवार को किसी भी फड़ी वाले का चालान नहीं काटा गया। जबकि नए आदेश के अनुसार शोरूम और दुकान के व्यापारियों के जरूर चालान काटे गए, जिन्होंने अपनी दुकानों के बाहर बेचने और डिस्पले के लिए सामान रखा था। इस कार्रवाई से व्यापारियों में भारी रोष है।
व्यापारियों का कहना है कि वह सरकार को टैक्स देते हैं। इसके बावजूद प्रशासन फड़ी वालों के बारे में सोच रहा है। वहीं चालान बंद होने से शहर में अतिक्रमण भी बढ़ गया है। सेक्टर-22 और 19 के मार्केट में शाम के समय फड़ियां अधिक होने के कारण पैदल चलने के लिए जगह नहीं बची थी। इन दोनों सेक्टरों में फड़ी बाजार लगाने की मांग सबसे ज्यादा है। मालूम हो कि नगर निगम 28 सप्ताह तक स्ट्रीट वेंडर एक्ट के तहत किसी भी फड़ी वाले के चालान काटने पर पाबंदी लगा दी है ताकि इनका सर्वे हो सके।
वाट्सअप नंबर लांच करने का कोई फायदा नहीं
15 दिन पहले नगर निगम ने शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए एक वाट्सअप नंबर जारी किया था। इस नंबर पर अतिक्रमण करने वाले की तस्वीर आने पर उसका चालान काटा जाता था, शनिवार को इस नंबर पर कोई भी
शिकायत नहीं आई।
दुकानदार बन रहे फड़ी वाले
चालान से छूट मिलने पर अब कई दुकानदार खुद भी फड़ी वाले बन रहे हैं। कुछ दुकानदारों ने शॉप के बाहर फड़ी लगाकर वहां पर कर्मचारी को बिठा दिया ताकि अतिक्रमण हटाओ दस्ता उन पर कार्रवाई न कर सके।
नियम सभी के लिए बराबर होने चाहिए। 28 सप्ताह तक दुकानदारों को भी राहत मिलनी चाहिए। फड़ी बाजार बढ़ने से दुकानदारों के कारोबार पर असर पड़ेगा। जबकि प्रशासन को सबसे ज्यादा टैक्स व्यापारी ही देते हैं। इस मामले
को लेकर जल्द ही कमिश्नर से मुलाकात कर व्यापारियों को दुकान के बाहर सामान डिस्पले करने की मंजूरी देने की मांग रखेंगे।
- चरणजीव सिंह, चेयरमैन, व्यापार मंडल।