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दो माह की सैलरी के लिए एक साल से भटक रहे कर्मचारी

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चंडीगढ़। नगर निगम के ग्रुप सी व डी के 700 कर्मचारी जून-जुलाई 2019 की सैलरी के लिए पिछले एक साल से भटक रहे हैं, लेकिन सैलरी नहीं मिल रही है। अधिकारियों का कहना है कि सनराइज कंपनी ने कर्मचारियों का ईपीएफ नहीं काटा था। यह मामला फिलहाल ईपीएफ डिपार्टमेंट में चल रहा है। उसकी सुनवाई के बाद ही कर्मचारियों को सैलरी मिलेगी। इसमें कितना समय लगेगा यह जानकारी नहीं है।
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नगर निगम में सनराइज कंपनी ने ग्रुप सी व डी के लगभग 400 कर्मचारियों को नौकरी पर लगाया था। चूंकि, जांच में सामने आया था कि कंपनी ने कर्मचारियों का ईपीएफ जमा नहीं किया है। उसके बाद कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया। उसके बाद कंपनी के अधिकारी होम सेक्रेटरी अरुण गुप्ता के पास चले गए। जहां से सुनवाई के बाद कंपनी को बहाल करते हुए बचा हुआ पेमेंट देने को कहा गया था। उसके बाद, मामला फिलहाल ईपीएफ विभाग में चल रहा है। निगम ने कंपनी के कर्मचारियों को अन्य किसी ठेकेदार के अंतर्गत कार्य करने को कह दिया, लेकिन ग्रुप सी व डी के 700 कर्मचारियों को जून-जुलाई की सैलरी नहीं मिली। जब भी कर्मचारी सैलरी मांगने जाते हैं तो अधिकारी कहते हैं कि फिलहाल कंपनी की सुनवाई ईपीएफ डिपार्टमेंट में चल रही है। ऐसे में मामले की सुनवाई खत्म होने के बाद ही सैलरी दी जाएगी।
कमिश्नर ने भी पत्र जारी कर सैलरी देने को कहा था
जब कर्मचारी निगम कमिश्नर केके यादव के पास अपनी समस्या लेकर पहुंचे तो कमिश्नर ने सभी कर्मचारियों की सैलरी देने को कहा था। इसके बावजूद कर्मचारियों को सैलरी नहीं मिली थी। उसके बाद कर्मचारी कुछ दिन पूर्व एसई पब्लिक हेल्थ शैलेंद्र सिंह के पास पहुंचे। जहां से एसई ने एक्सईएन रविंदर शर्मा के पास भेज दिया। एक्सईएन ने फिर से कर्मचारियों से कहा कि सभी कर्मचारियों की सैलरी रोकी गई है। ऑडिट सैलरी पास नहीं कर रहा। जब तक वहां से स्वीकृति नहीं मिलेगी, तब तक सैलरी नहीं दे सकते।
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कोट
ऑडिट विभाग में कुछ सवालों पर मामला अटका है। मामले को सुलझाया जा रहा है। जल्द सभी कर्मचारियों को सैलरी दी जाएगी।
-केके यादव, कमिश्नर, नगर निगम
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