मुलाजिम संगठन ने समय बदलने पर जताया एतराज
सरकारी दफ्तरों के नए समय को राज्य सरकार ने सही ठहराया है। वहीं पंजाब सिविल सचिवालय के कर्मचारियों की ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने इस पर एतराज जताया है। कमेटी के कन्वीनर सुखचैन सिंह खैरा ने कहा कि मुलाजिम सरकार के आदेश का पालन करेंगे और जिस समय भी उन्हें ड्यूटी पर बुलाया जाएगा, वह पहुंचेंगे लेकिन इससे कुछ हासिल होने वाला नहीं।
उन्होंने कहा कि सरकार का यह दावा कि इस फैसले से बिजली की बचत होगी, पूरी तरह गलत है। दफ्तर में 10 मुलाजिम एक एसी के नीचे बैठेंगे, लेकिन दोपहर दो बजे घर लौटने के बाद 10 मुलाजिम 10 एसी चलाएंगे। खैरा ने कहा कि सरकार के फैसले से सबसे ज्यादा मुश्किल महिला कर्मचारियों को हुई है, जिनके बच्चे बहुत छोटे हैं या निचली कक्षाओं में पढ़ते हैं। अब आफिस टाइम और बच्चों को स्कूल छोड़ने का समय एक समान हो गया है, महिला कर्मचारी क्या करें? नए टाइमटेबल से उन मुलाजिमों को भी परेशानी है, जो पंजाब के अन्य शहरों से चंडीगढ़ आते हैं। उन्हें दो से तीन घंटे पहले यानी सुबह 4-5 बजे ही घर से निकलना होगा।
कर्मचारियों को किसी तरह की समस्या नहीं आने दी जाएगी। नई व्यवस्था को मुलाजिमों से सलाह-मशविरे के बाद ही लागू किया गया है। महिला कर्मचारियों की दिक्कतों को भी हल किया जाएगा। कर्मचारियों को लाने-ले-जाने के लिए पहले से जारी बसों की व्यवस्था को नए समय के अनुसार करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। भगवंत मान, मुख्यमंत्री पंजाब।