रिश्वत मांगने के मामले में स्थानीय कोर्ट ने बिजली विभाग में तैनात आरोपी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।
पिछले साल एक अक्तूबर को विजिलेंस ने पिंजौर से बिजली विभाग में तैनात फोरमैन करनैल सिंह को दस हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
मामला पिंजौर के गांव खड़कुआं निवासी मदन लाल की शिकायत पर पर दर्ज हुआ था। आरोप लगे थे कि करनैल सिंह ने मदन लाल को अवैध बिजली कनेक्शन के केस में फंसाने का भय दिखाकर 10 हजार रुपये रिश्वत ली थी।
इसके बाद मामला कोर्ट में पहुंचा, जहां विजिलेंस करनैल सिंह पर आरोप साबित नहीं करा पाई। इसके चलते कोर्ट ने करनैल सिंह को निर्दोष मानते हुए बरी कर दिया।