चंडीगढ़। मुख्य सचिव एच राजेश प्रसाद ने शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान स्कूल, कॉलेज और तकनीकी शिक्षा की स्थिति का जायजा लिया गया और शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
बैठक में शिक्षा सचिव प्रेरणा पुरी और अन्य अधिकारियों ने विभाग की उपलब्धियों और चल रही योजनाओं की जानकारी दी। इसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत हो रहे काम, स्कूलों में सुधार और विद्यार्थियों के कौशल विकास पर विशेष चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने बताया कि चंडीगढ़ शिक्षा के क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। यहां विद्यार्थियों का दाखिला अनुपात और लड़कियों की भागीदारी बेहतर है। इसके साथ ही स्कूलों की राष्ट्रीय स्तर पर अच्छी रैंकिंग भी सामने आई है।
बैठक में उड़ान और शिखर जैसी मुफ्त कोचिंग योजनाओं, साथी मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम और एडॉप्ट-ए-स्कूल जैसी पहलों की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने सभी सरकारी स्कूलों में कौशल आधारित शिक्षा शुरू करने और स्मार्ट क्लासरूम बनाने के निर्देश दिए, ताकि पढ़ाई को आधुनिक और रोजगार से जुड़ा बनाया जा सके। शिक्षकों की कमी को लेकर भी चिंता जताई गई। मुख्य सचिव ने खाली पदों को जल्द भरने के आदेश दिए। साथ ही 3 से 18 साल के बच्चों का डेटा तैयार करने के लिए चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम लागू करने की बात कही, ताकि कोई भी बच्चा पढ़ाई से वंचित न रहे।
आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों को उद्योगों से जोड़ने पर जोर
तकनीकी शिक्षा को मजबूत करने के लिए आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों को उद्योगों से जोड़ने पर जोर दिया गया। हर संस्थान को 2-3 कंपनियों के साथ साझेदारी करने के निर्देश दिए गए, ताकि विद्यार्थियों को प्रशिक्षण और नौकरी के बेहतर अवसर मिल सकें। इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स जैसे नए विषयों को पढ़ाई में शामिल करने की भी बात कही गई। मुख्य सचिव ने कहा कि शिक्षा में सुधार के लिए सभी योजनाओं को समय पर लागू करना जरूरी है, ताकि चंडीगढ़ में बेहतर और आधुनिक शिक्षा प्रणाली विकसित की जा सके।