चंडीगढ़। चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी ने युवाओं को भारतीय शास्त्रीय संगीत और वाद्य यंत्रों से जोड़ने के लिए वर्कशॉप का आयोजन किया है। यह वर्कशॉप दो महीने तक चलेगी। इस कार्यशाला का उद्देश्य युवाओं में भारतीय सांस्कृतिक के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना और उन्हें भारतीय प्रदर्शनकारी कलाओं से जोड़ना है। इस वर्कशॉप में 40 से ज्यादा युवाओं ने हिस्सा लिया। यह दर्शाता है कि आज की पीढ़ी का रुझान शास्त्रीय संगीत और वाद्य यंत्रों की तरफ बढ़ रहा है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नवीन ने कहा कि भारतीय शास्त्रीय संगीत केवल मनोरंजन का जरिया नहीं है। यह हमारी संस्कृति और अध्यात्म से जुड़ी अनमोल विरासत का प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों को कला की दुनिया में आगे बढ़ने के लिए अनुशासन और लगातार अभ्यास करना सबसे जरूरी है।
डॉ. सुखमिंदर कौर बराड़ ने कहा कि वर्कशॉप के दौरान छात्रों को अनुभवी गुरुओं और कलाकारों से सीखने का मौका मिलेगा। यहां उन्हें शास्त्रीय संगीत और अलग-अलग वाद्य यंत्रों की किताबी जानकारी के साथ-साथ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी दी जाएगी।