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खुट्टन बहनें: आरएलए और पुलिस विभाग में ठनी

Tue, 28 Jan 2014 01:16 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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विदेशी महिला को ठगने में फरार मोस्ट वांटेड सीमा खुट्टन की बीएमडब्लयू गाड़ी बिक चुकी है और इस वाहन का नया रजिस्ट्रेशन भी नए मालिक के नाम पर हो गया है। जबकि पुलिस विभाग की ओर से आरएलए विभाग को कार की खरीद फरोख्त के बाद रजिस्ट्रेशन करने के लिए इंकार किया गया था।
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पुलिस विभाग की ओर से आरएलए विभाग को लिखित में इसके लिए पत्र भेजा गया था। पत्र में यह भी कहा गया था कि अगर कोई रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए आता है तो इसकी जानकारी पुलिस विभाग को दी जाए।

पुलिस के अनुसार यह गाड़ी सीमा इंटरप्राइस के नाम पर थी। इसके अलावा एक ओर फार्च्यूनर गाड़ी है जो कि सीमा इंटरप्राइस के ही नाम है।

सूत्रों का कहना है कि यह गाड़ी भी बेची जा चुकी है, लेकिन यह नए नाम पर रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए आरएलए विभाग में नहीं आई है।

ऐसे में अब पुलिस विभाग ने आरएलए विभाग को कहा कि उस कर्मचारी का नाम बताया जाए, जिसने गाड़ी का रजिस्ट्रेशन किया है।

ऐसे में अब पुलिस विभाग आरएलए विभाग की अलग से भी शिकायत डीसी आफिस को करने जा रहा है। इस मामले की जांच आर्थिक विभाग कर रहा है।

मालूम हो कि विदेशी महिला की शिकायत पर पुलिस ने सीमा के अलावा उसकी बहना और पूर्व मनोनीत पार्षद दिवंगत अरशद खान के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला साल 14 फरवरी 2012 में दर्ज किया था उसके बाद से आरोपी सीमा खुट्टन और बहन रेणू खुट्टन फरार चल रही है।
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पुलिस विभाग की ओर से इन दोनो आरोपियों का सुराग बताने वालों पर 1 लाख रुपये के इनाम की भी घोषणा की हुई है। पुलिस के अनुसार यह दोनों आरोपी देश से बाहर नहीं गए हैं क्योंकि इनका पासपोर्ट अभी तक नहीं बना है।

अरशद खान और सीमा खुट्टन दोनों एक दूसरे के दोस्त के अलावा कांग्रेस के नेता थे। जांच अधिकारी सतनाम सिंह का कहना है कि आरएलए विभाग से सीमा इंटरप्राइज की गाड़ी का रजिस्ट्रेशन किसी दूसरे के नाम पर करने का कारण पूछा गया है।

इसके अलावा उस कर्मचारी का नाम भी पूछा गया है जिसने आरोपी सीमा की गाड़ी का रजिस्ट्रेशन किसी दूसरे के नाम पर किया है।

कांग्रेस से नहीं निकाला
सीमा कांग्रेस की नेत्री भी थी अभी तक कांग्रेस ने सीमा को पार्टी से निकालने की कोई घोषणा भी नहीं की है जबकि इस मामले के सामने आए हुए दो साल हो गए हैं।

पिछले नगर निगम चुनाव में सीमा ने वार्ड नंबर-1 से टिकट भी मांगी थी। अरशद खान और सीमा काफी करीबी दोस्त थे और यह दोनों बहुत जल्द शहर के सांसद पवन बंसल के नजदीक आ गए थे।

विदेशी महिला काट चुकी है अधिकारियों के चक्कर
इस मामले में शिकायतकर्ता महिला भी बार बार अधिकारियों के चक्कर काट कर हार चुकी है। विदेशी महिला प्रशासन, पुलिस के अधिकारियों के अलावा कई नेताओं से गुहार लगा चुकी है।

क्या है मामला
ब्रिटिश महिला पेट्रीशिया क्रेग की शिकायत पर पुलिस ने अरशद खान, सीमा और रेणु के खिलाफ लाखों रुपये की ठगी का मामला दर्ज किया था।

शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया था कि वर्ष 2011 में वह चंडीगढ़ आई थी, तो उसने 91 लाख रुपये आरोपियों को एक ज्वाइंट प्रोजेक्ट में निवेश करने के लिए दिए थे। इसके लिए एमओयू भी तैयार हुआ था।

आरोपियों ने उसे पंचकूला के आईटी पार्क के पास प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए एक प्लॉट भी दिखाया गया था, लेकिन वह फर्जी था।

शिकायतकर्ता ने बताया कि 91 लाख रुपये में से उसे 20 लाख रुपये वापस मिल गए थे, लेकिन बाकी रकम वापस नहीं मिली।

पुलिस के अनुसार अगर बीएमडब्लयू पुलिस के हाथ रजिस्ट्रेशन के समय आ जाती तो इस गाड़ी को प्रापर्टी बनाकर लाखों रुपये में बेची जा सकती थी और यह राशि शिकायतकर्ता को दी जा सकती थी।

एक और मामला दर्ज है दोनो के खिलाफ
सीमा और अरशद खान के खिलाफ सेक्टर-37 निवासी राजेश जिंदल भी एक करोड़ 30 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज करा चुके हैं। इस मामले में भी पुलिस आरोपी सीमा को तलाश रही है।
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