पंजाब सरकार ने नए साल के पहले ही दिन से प्रदेशवासियों को जोरदार बिजली का झटका देने का फैसला कर लिया है। एक जनवरी से प्रदेश में बिजली प्रति यूनिट 30 पैसे महंगी जाएगी। पंजाब राज्य बिजली नियामक आयोग ने पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन (पावर कॉम) की याचिका पर मंगलवार को फैसला सुना दिया।
आम उपभोक्ता के लिए जहां यह बढ़ोतरी 30 पैसे प्रति यूनिट है वहीं औद्योगिक क्षेत्र के लिए 29 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी का फैसला लिया गया है। कृषि सेक्टर के लिए मोटरों का टैरिफ भी 20 पैसे प्रति हॉर्स पावर बढ़ाया जा रहा है। पीएसईआरसी के अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है।
पंजाब में अप्रैल में और बढ़ सकते हैं बिजली के दाम
पंजाब में एक जनवरी के बाद अप्रैल माह में भी बिजली की दरों में और इजाफा हो सकता है। इसके संकेत इसी बात से मिलते हैं कि पीएसपीसीएल ने फ्यूल कॉस्ट एरियर में इजाफे की मांग करते हुए पीएसईआरसी के समक्ष पहले से याचिका दायर कर रखी है। वही पावरकॉम ने भी अपना वार्षिक लेखा-जोखा पीएसईआरसी को भेजते हुए बिजली के दाम में और बढ़ोतरी की मांग की हुई है। इन दोनों याचिकाओं पर फैसला मार्च माह में ले लिया जाएगा।
वहीं, जनवरी में 30 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी का फैसला पावरकॉम द्वारा थर्मल प्लांटों को दिए गए करोड़ों रुपये के कारण लिया गया है। पावरकॉम को राजपुरा और तलवंडी साबो के निजी थर्मल प्लांटों को कोयले की ढुलाई और वाशिंग के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 1490.45 करोड़ रुपये देने पड़े थे।
पावरकॉम ने नियामक आयोग के समक्ष यह दलील दी थी कि वह अपने स्तर पर इतनी बड़ी रकम का बोझ नहीं उठा सकता। पावरकॉम की ओर से सारी रकम की वसूली बिजली उपभोक्ताओं से करने की मांग की गई थी।
आखिरकार इस रकम की वसूली प्रदेश के 96 लाख बिजली उपभोक्ताओं से अगले 12 महीने में करने का फैसला लिया गया। पंजाब स्टेट बिजली नियामक आयोग की ओर से 21 पन्ने के फैसले पर चेयरपर्सन कुसुम जीत कौर सिद्धू, सदस्य एसएस सरना और अंजलि चंद्रा के हस्ताक्षर हैं।