पंजाब के सिंचाई एवं बिजली मंत्री राणा गुरजीत सिंह ने सूबे में बिजली दरों में बढ़ोतरी से इनकार करते हुए इस संबंधी मीडिया रिपोर्टों को खारिज किया है। मंगलवार को जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा राज्य में किफायती बिजली मुहैया करवाने के किए चुनावी वायदे से पीछे हटने का प्रश्न ही नहीं उठता। उन्होंने कहा कि इस संबंध में मीडिया में उनके बयान को तोड़मरोड़ कर पेश किया गया है।
उन्होंने आगे कहा कि बिजली नियामक आयोग के बारे में उनकी टिप्पणियां बिजली की कीमतों के बारे में आयोग की सिफारिशों के संदर्भ में की गई थीं, लेकिन बिजली दरों में बढ़ोतरी का कोई सुझाव उन्होंने नहीं दिया है। राणा गुरजीत ने कहा कि ‘पावर रेगुलेटरी का काम विभिन्न वर्गों की जरूरतों को ध्यान में रखकर सिफारिशें करना है। फिर भी सरकार की ओर से इस संबंध में कोई भी फैसला अपने चुनावी घोषणा-पत्र में किए वायदों और लोगों के हितों को ध्यान में रखकर ही लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सोमवार को मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा था कि, ‘हम कांग्रेस के चुनाव घोषणा पत्र में किये वायदे के अनुसार घरेलू और व्यवसायिक उपभोक्ताओं को किफायती दरों पर बिजली मुहैया करवाने के लिये कदम उठाएंगे।’
उद्योगों को 5 रुपये प्रति यूनिट बिजली देने पर विचार जारी
Rana Gurjeet Singh
- फोटो : File Photo
बिजली मंत्री ने आगे कहा कि कांग्रेस के चुनाव घोषणा पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि कांग्रेस सरकार द्वारा राज्य की आर्थिक हालत से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों (घरेलू उपभोक्ता, व्यापार और उद्योग) को किफायती दरों पर 24 घंटे, सातों दिन बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करेगी।
चुनाव घोषणा पत्र में यह भी कहा गया है कि उद्योग जगत के लिए बिजली की दरें 5 वर्ष के लिए स्थिर की जाएंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव घोषणा पत्र में किए गए वायदों से किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटा जाएगा। उन्होंने कहा कि उद्योग जगत की 5 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली मुहैया करवाने की मांग पर सरकार द्वारा विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि,‘हम उद्योगों और राज्य के अन्य क्षेत्रों को किफायती और किसानों को निशुल्क बिजली प्रदान करने के लिये वचनबद्ध हैं।’