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राखी सावंत की गिरफ्तारी से पुलिस का इनकार, बोली-पते पर नहीं मिलीं

Wed, 05 Apr 2017 09:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना(पंजाब)
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राखी सावंत
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भगवान वाल्मीकि के खिलाफ अपमानजनक टिप्णणी करने वाली बालीवुड अभिनेत्री राखी सावंत को अदालत के आदेश मिलने के बाद गिरफ्तार करने गई लुधियाना पुलिस की टीम बैरंग लौट रही है। डीसीपी का कहना है कि वारंट पर जो पता लिखा था, राखी सावंत वहां पर मिली नहीं। इस पर पुलिस टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा। अब पुलिस दस अप्रैल कों न्यायाधीश सुमित सभ्रवाल की अदालत में वारंट सरेंडर करेगी और अदालत के अगले आदेश के बाद ही कार्रवाई की जाएगी। 
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एडवोकेट नरेंद्र आदिया की तरफ से बालीवुड अभिनेत्री राखी सावंत के खिलाफ भगवान वाल्मीकि के खिलाफ अपमानजनक टिप्णणी करने के खिलाफ अदालत में क्रिमिनल याचिका दायर की थी। इस पर अदालत ने राखी सावंत को पेश होने के लिए आदेश दिए थे। वह पेश नहीं हो रही थीं। इसके बाद अदालत ने राखी सावंत के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिए और महानगर की पुलिस को आदेश दिए थे कि राखी सावंत को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जाए। 

केस की सुनवाई दस अप्रैल को रख दी गई। अदालत से आदेश मिलने के बाद ही पुलिस की एक टीम राखी सावंत को गिरफ्तार करने के लिए मुंबई गई थी। वहां राखी सावंत के न मिलने के कारण पुलिस को खाली हाथ लौटना पड़ा।
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डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस ध्रुमण निंबले ने कहा कि गिरफ्तारी वारंट पर जो पता लिखा था, वहां पुलिस टीम गई थी। राखी सावंत वहां पर नहीं मिलीं। पुलिस की टीम वापस आ रही है। अदालत में वारंट सरेंडर कर सारी बात बता दी जाएगी। अदालत के आदेश के हिसाब से आगे का काम किया जाएगा। 

ये है पूरा मामला

rakhi sawant
गौरतलब है कि जुलाई 2016 में राखी सावंत ने एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू के दौरान संत बाल्मीकि को कातिल बताया था। उन्होंने कहा था कि महर्षि वाल्मीकि डकैत थे और उन्होंने कई कत्ल किए, लेकिन उनका हृदय परिवर्तन हो गया और वे संत बन गए। इस अभद्र टिप्पणी से वाल्मीकि समाज खफा हो गया और उन पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप लगाए।

जुलाई 2016 में ही राखी के खिलाफ दिल्ली के मयूर विहार थाने में राखी सावंत के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। शिकायतकर्ता एडवोकेट नरिंदर आदिया वाल्मीकि समाज से ताल्लुक रखता है। उसने अपनी शिकायत में कहा कि जिस वाल्मीकि ने रामायण जैसे महान ग्रंथ की रचना की वह कातिल कैसे हो सकता है। राखी सावंत से ऐसा कहकर वाल्मीकि समाज से जुड़े लाखों लोगों की भावनाओं को आहत किया है।

वहीं राखी सावंत की इस टिप्पणी से खफा वाल्मीकि समाज के लोगों ने विरोध प्रदर्शन भी किए। उनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर पंजाब में ट्रेनें रोकी गईं, सड़कें जाम की गईं। राखी सावंत की गिरफ्तारी की मांग पर वाल्मीकि टाइगर फोर्स एक्शन कमेटी ने अमृतसर में शताब्दी एक्सप्रेस रोक कर प्रदर्शन किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत में केस शुरू किया गया।
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ये है पूरा मामला

राखी सावंत
केस की सुनवाई करते हुए 5 नवंबर 2016 को ज्यूडीशियल मैजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास सुमित सभ्रवाल की अदालत बॉलीवुड एक्ट्रेस राखी सावंत के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए गए, लेकिन वह अदालत में पेश नहीं हुई। कई बार उन्हें हिदायत दी गई। उसके बावजूद वे नहीं आईं। फिर पंजाब की लुधियाना कोर्ट ने राखी को 9 मार्च के दिन हाजिर होने का आदेश दिया था लेकिन राखी उस दिन कोर्ट नहीं पहुंची।

9 मार्च को ही सुनवाई करते हुए कोर्ट ने उनके खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी कर दिए। पुलिस को भी आरोपी राखी को पकड़कर लाने के सख्त आदेश दिए थे। इस आदेश का पालन करते हुए थाना सलेमटाबरी की पुलिस मुंबई रवाना हो गई। इसके तहत जब पुलिस राखी को गिरफ्तार करने के लिए उनके पते पर पहुंची तो उन्हें वहां से खाली हाथ लौटना पड़ा था। 

इस बीच राखी सावंत ने इस विवाद पर एक वीडियो भी जारी किया था, जिसमें वो इस मामले पर माफी मांगती दिख रही थीं। उनका कहना था कि अगर मेरी वजह से किसी की भावनाओं पर ठेस पहुंची है तो मुझे माफ कर दें। अब राखी सावंत को कोर्ट में पेश होने के लिए 10 अप्रैल की तारीख दी गई है। देखना होगा कि यह मामला आगे क्या मोड़ लेगा।
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