हरियाणा के लोगों को इस बार गर्मियों में महंगी बिजली का झटका लग सकता है। बिजली कंपनियों ने हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) से बिजली की दरों में बढ़ोतरी करने की मांग की है।
बिजली कंपनियों के अनुसार, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम 9.15 फीसदी और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम में 12.37 फीसदी घाटे में हैं। 16 जनवरी को एचईआरसी के चेयरमैन नंद लाल शर्मा व सदस्य मुकेश गर्ग के नेतृत्व में दरें बढ़ाने को लेकर जनसुनवाई हो चुकी है। उसमें यूएचबीवीएन, डीएचबीवीएन और हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (एचवीपीएनएल) और हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीजीसीएल) की याचिकाओं की भी विस्तार से चर्चा की गई।
आयोग ने बिजली निगमों की वित्तीय स्थिति और परिचालन प्रदर्शन की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए हैं कि राजस्व घाटा कम करने, टैरिफ प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए ठोस योजनाएं प्रस्तुत की जाएं। आयोग ने ईंधन समायोजन शुल्क (एफएसए) के तहत 8245.85 करोड़ का विवरण और इसे कम करने की योजना मांगी थी। साथ ही 4520.24 करोड़ के अनुमानित घाटे को पूरा करने के लिए लागत में कटौती, दक्षता सुधार जैसे उपाय सुझाने के लिए भी कहा है।
हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (एचवीपीएनएल) को ट्रांसमिशन हानियों को कम करने की योजना का निर्देश दिया गया है। आयोग ने एचपीजीसीएल को प्लांट उपलब्धता फैक्टर (पीएएफ) को 80% से बढ़ाकर 90% करने की योजना प्रस्तुत करने का निर्देश दे रखा है।