चंडीगढ़। स्टडी टूर पर गोवा पहुंचे भाजपा व कांग्रेस के पार्षदों और नगर निगम के अधिकारियों ने बुधवार को नीरी के सुझाव पर लगाए गए कचरा निस्तारण प्लांट का दौरा किया। पार्षदों व अधिकारियों ने गोवा के कलंगुट में लगे प्लांट की कार्यप्रणाली को समझा और वहां के अधिकारियों से सवाल भी पूछे। पार्षदों ने पाया कि गोवा का प्लांट रिहायशी इलाके से डेढ़-दो किमी दूर स्थित है और प्लांट से बिजली पैदा होती है जबकि चंडीगढ़ में सीएनजी प्लांट लगाया जा रहा है। इस पर पार्षदों ने सवाल उठाए।16 पार्षदों व 11 अधिकारियों का दल प्रतिनिधित्व मेयर अनूप गुप्ता ने किया। हिंदुस्तान वेस्ट ट्रीटमेंट प्राइवेट लिमिटेड की तरफ से चलाए जाने वाले प्लांट को देखने के लिए पार्षद करीब 12 बजे कलंगुट पहुंचे। यहां पार्षदों व अधिकारियों को फूल देकर स्वागत किया गया। इसके बाद सभी को पूरे प्लांट का दौरा कराया गया और फिर मशीन और मैनुअल तरीके से किए जाने वाले सभी कार्यों को दिखाया गया।
पार्षदों ने पाया कि गोवा के प्लांट में वेस्ट से बिजली पैदा होती है। कांग्रेस के पार्षद भी मांग कर रहे थे कि चंडीगढ़ का प्लांट सीएनजी नहीं, बल्कि बिजली पैदा करने वाला होना चाहिए क्योंकि प्रशासन खुद सभी इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित कर रहा है। हालांकि इस पर नीरी के निदेशक डॉ. अतुल नारायण वैद्य का तर्क है कि चंडीगढ़ में गीला कचरा ज्यादा होता है, इसलिए थर्मल टेक्नोलॉजी से इसे दूर रखा जाता है।
ये है गोवा और चंडीगढ़ में लगने वाले प्लांट में फर्क
गोवा का प्लांट करीब 12 एकड़ के इलाके में फैला हुआ है और 250 टीडीपी की क्षमता है, जबकि चंडीगढ़ में लगने वाला प्लांट इससे दोगुनी क्षमता का होगा। गोवा गए पार्षद गुरप्रीत सिंह गाबी ने बताया कि गोवा का 250 टीडीपी का प्लांट रोजाना करीब 30 हजार यूनिट बिजली पैदा कर रहा है, जिसे सरकार पांच रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से खरीदती है। बिजली का प्लांट लगाने में वेस्ट भी नहीं बचता है, क्योंकि सब जल जाता है। वहीं, चंडीगढ़ में 550 टीडीपी का प्लांट लगाने की योजना है। ऐसे में चंडीगढ़ में ज्यादा बिजली पैदा हो सकती है। गाबी ने कहा कि सबसे बड़ी बात है कि गोवा का प्लांट रिहायशी इलाके से काफी दूर पहाड़ी स्थित पर है, जहां कोई व्यक्ति नहीं जाता। बताया कि गोवा के प्लांट में रोजाना 150 टन गीला कचरा और 120 टन सूखा कचरा जाता है, जिससे रोजाना 7 से 8 टन खाद बनाई जाती है।
डड्डूमाजरा के नौ लोग भी गोवा पहुंचे, सोशल मीडिया पर डालीं तस्वीरें
डड्डूमाजरा के नौ लोग भी नगर निगम के खर्चे पर प्लांट देखने के लिए बुधवार शाम गोवा पहुंच गए। सभी बुधवार दोपहर करीब 12 बजे चंडीगढ़ से एयरपोर्ट के लिए निकले। बुधवार शाम को गोवा पहुंचे डड्डूमाजरा के गौतम मित्तल ने फेसबुक पर पोस्ट डाली और लिखा कि 27 साल बाद गोवा में...। निगम के कुछ अधिकारियों ने भी गोवा के कैजुएल ड्रेस में तस्वीरें साझा कीं। डड्डूमाजरा से जो लोग गोवा गए हैं, वो प्लांट को देखने के बाद 30 जून को लौटेंगे जबकि सभी पार्षद व अधिकारी एक जुलाई को लौटेंगे। उधर, आम आदमी पार्टी का आरोप है कि डड्डूमाजरा के जिन लोगों को गोवा ले जाया गया है वह भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता व समर्थक हैं। ऐसा जानबूझकर किया गया है ताकि वापस आने के बाद वह इस प्लांट का विरोध न कर सकें।
प्लांट को रिहायशी इलाके में न लगाया जाए : कुलदीप सिंह
स्थानीय पार्षद कुलदीप सिंह ने कहा कि नीरी के निदेशक भी कह चुके हैं कि प्लांट सफल होगा या नहीं, यह इस बात निर्भर करेगा कि निगम इसे कैसे चलाता है। जो अधिकारी अभी हैं, कुछ साल बाद वापस चले जाएंगे। उसके बाद डड्डूमाजरा के लोगों को ही नरकीय जीवन भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इस प्लांट को अभी 15 साल के लिए लगाया जा रहा है, लेकिन बाद में 25 साल और फिर 40 साल के लिए कर दिया जाएगा। उन्होंने मांग रखी कि इस प्लांट को रिहायशी इलाके में न लगाया जाए।