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Chandigarh : हरियाणा में बिजली 20 पैसे प्रति यूनिट महंगी, नए टैरिफ ढांचे में 300 यूनिट तक मासिक शुल्क खत्म

Wed, 02 Apr 2025 02:20 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़

सार

प्रदेश में घरेलू बिजली के श्रेणी-1 उपभोक्ताओं के (0-50 व 51-100) और श्रेणी-2 (0-150) में बिजली दर में 20 पैसे प्रति यूनिट की दर से वृद्धि की गई है।
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demo - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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विधानसभा और निकाय चुनाव के बाद हरियाणा के 81 लाख घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को झटका लगा है। प्रदेश में घरेलू बिजली के श्रेणी-1 उपभोक्ताओं के (0-50 व 51-100) और श्रेणी-2 (0-150) में बिजली दर में 20 पैसे प्रति यूनिट की दर से वृद्धि की गई है। वहीं, नए टैरिफ ढांचे में न्यूनतम मासिक शुल्क (एमएमसी) के बोझ को खत्म करके परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाई गई है।

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अब नई टैरिफ व्यवस्था शुरू की गई है। इसमें 300 यूनिट तक मासिक ऊर्जा खपत वाले घरेलू उपभोक्ताओं पर कोई निश्चित शुल्क नहीं लगाया जाएगा, जो 115 से 125 रुपये तक अलग-अलग श्रेणियों में लगता था। इसके अलावा बल्क उपभोक्ताओं के लिए 40 पैसे प्रति यूनिट की दर से वृद्धि हुई है। हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग का दावा है कि श्रेणी-1 घरेलू उपभोक्ताओं के लिए टैरिफ अभी पड़ोसी राज्यों में सबसे कम है।

घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं को लोड के आधार पर 3 श्रेणियों में बांटा गया है। कुल घरेलू उपभोक्ताओं में से लगभग 78 प्रतिशत लोग 2 किलोवाट तक लोड वाले हैं। लगभग 16 फीसदी 2 से 5 किलोवाट तक और केवल 6 फीसदी 5 किलोवाट से अधिक लोड वाले हैं।
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स्लैब में बदलाव
151-250 के स्लैब को बदलकर अब 151 से 300 यूनिट तक कर दिया है। दूसरे स्लैब 251 से 500 यूनिट को बदलकर अब 301 से 500 यूनिट कर दिया गया है। 501 से 800 वाले स्लैब को बदलकर अब 500 यूनिट के ऊपर का एक स्लैब माना जाएगा।

500 यूनिट से अधिक बिजली खर्च करने वालों के दाम नहीं बढ़े
100 यूनिट से अधिक मासिक खपत करने वाले उपभोक्ताओं के लिए चार श्रेणियां बनाई गई हैं। 0-150 यूनिट खपत वाले उपभोक्ताओं के लिए टैरिफ अब 2.75 रुपये प्रति यूनिट की जगह 2.95 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से भुगतान करना होगा। 151-300 यूनिट खपत वाले उपभोक्ताओं को पहले की तरह 5.25 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिल देना होगा। 301-500 यूनिट प्रति माह खपत वाले उपभोक्ताओं को 6.30 रुपये प्रति यूनिट की जगह 6.45 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिल देना होगा। 500 यूनिट से अधिक मासिक खपत वाले उपभोक्ताओं को पहले की तरह 7.10 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से भुगतान करना होगा।

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किसानों को राहत
किसानों को और अधिक राहत देने के लिए मीटर कनेक्शन वाली कृषि श्रेणी के लिए टैरिफ में कमी की गई है। इसमें लोड के अनुसार मासिक न्यूनतम शुल्क (एमएमसी) को मौजूदा टैरिफ 200 रुपये प्रति बीएचपी प्रति वर्ष से घटाकर 180 व 144 रुपये प्रति बीएचपी प्रति वर्ष किया गया है।

मशरूम कंपोस्ट और स्पॉन, हाईटेक हाइड्रोपोनिक्स, हाईटेक एरोपोनिक्स और कोल्ड स्टोरेज जैसे उभरते क्षेत्रों को प्रोत्साहित करने के लिए कृषि उद्योग व एफपीओ के लिए 20 किलोवाट से ऊपर नया टैरिफ स्लैब बनाया गया है।

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इस निर्णय के साथ उपर्युक्त इकाइयों के लिए टैरिफ अब 6.50 रुपये प्रति यूनिट तय किया गया है। पहले 20 किलोवाट से अधिक लोड वाली एफपीओ इकाइयों को एलटी आपूर्ति श्रेणी के लिए लागू टैरिफ के साथ बिल भेजा जा रहा था।

एफएसए पहले ही 2026 तक बढ़ा चुकी सरकार
हरियाणा सरकार ने ईंधन समायोजन शुल्क (एफएसए) को साल 2026 तक बढ़ाया हुआ है। इसके तहत बिजली उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट बिजली बिल के हिसाब से 47 पैसे अतिरिक्त देना पड़ रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 4520.24 करोड़ रुपये का अनुमानित घाटा बताकर बिजली कंपनियों ने दाम बढ़ाने की मांग की थी।

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