बिजली निगम के जुर्माना लगाने पर सीएम को सलाह
बिजली निगम के मीटर स्लो पर जुर्माना ठोकने से खफा एक बिजली उपभोक्ता ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को मेल भेजकर योगी बनने की सलाह दी है। मुख्यमंत्री को नसीहत देने वाली मेल अब चर्चा में है। पीड़ित का आरोप है कि उनके दोनों मीटरों में कोई गड़बड़ नहीं मिली थी। सब अर्बन के कर्मचारियों के मीटर पैकिंग के समय एक मीटर की सील जंग लगी होने के कारण टूट गई थी। इसके बाद भी उन पर जुर्माना लगा दिया गया।
उपभोक्ता ने जुर्माना जमा करा दिया है। लेकिन, अब वह इंसाफ के लिए निगम के उच्च अधिकारियों के साथ ही सीएम को मेल कर रहा है। उपभोक्ता ने चेतावनी दी है कि यदि उसे शीघ्र ही इंसाफ नहीं मिला तो वह अदालत का दरवाजा खटखटाएगा। निगम के अधिकारी उपभोक्ता पर जान बूझकर परेशान करने के आरोप लगा रहे हैं।
सीएम को मेल कर बिजली निगम को नींद तोड़ने की कोशिश
बिजली का मीटर
किशनपुरा निवासी हरीश चंद थर्मल पावर स्टेशन में फायर गाड़ी का ड्राइवर है। उसने बिजली निगम के सब अर्बन अधिकारियों और कर्मचारियों पर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। हरीश चंद ने बताया कि अगस्त 2016 में उनके मीटरों को बदला गया था। इनमें से एक मीटर में गड़बड़ी बताते हुए निगम ने 41,263 रुपये का जुर्माना लगा दिया। जुर्माने की पूरी जानकारी भी उन्हें नहीं दी जा रही। इसके बाद भी उन्होंने जुर्माना भर दिया है। इसकी जानकारी लेने के लिए वह और उनका लड़का जगदीश बिजली निगम जा चुके हैं।
हरीश के अनुसार नया मीटर लगा दिया गया है, लेकिन रिकॉर्ड भी नहीं दिखाया जा रहा। आरोप लगाया कि अब ज्यादा रीडिंग भेजकर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। विभाग के कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। अब उन्होंने मुख्यमंत्री खट्टर को मेल किया है। आठ मार्च को भेजे मेल में कहा है कि सर जी, आप जाग जाओ, यूपी के सीएम की तरह तुरंत एक्शन लो। तभी बिजली निगम सुधारेगा। जगदीश धमीजा ने बताया कि सीएम के पास भी मेल भेजने का उन्हें कोई फायदा नहीं हुआ। 20 बार रिमांडर भेज चुके हैं। हालांकि, 17 अप्रैल सोमवार को बिजली निगम ने अधूरी जानकारी दी है।