चंडीगढ़ के लोगों के घरों में जो बिजली का बिल आता है, उसमें प्रति यूनिट 10 पैसा एमसी टैक्स लगता है। यह टैक्स दिसंबर 2019 में लगाया गया था। इससे नगर निगम को सालाना 15 से 16 करोड़ रुपये की आमदनी होती है।
चंडीगढ़वासियों को बिजली के दाम बढ़ने का दूसरा झटका लग सकता है। बिजली के बिल में लगने वाले एमसी टैक्स को नगर निगम बढ़ाने जा रहा है। प्रस्ताव के अनुसार हर यूनिट पर लगने वाले 10 पैसे एमसी टैक्स को नगर निगम 16 पैसे करने जा रहा है। यह 60 फीसदी की बढ़ोतरी है।
विज्ञापन
23 नवंबर को सदन की बैठक में एमसी टैक्स की बढ़ोतरी का प्रस्ताव लाया जाएगा। अगर पार्षद इसे पास करते हैं तो एक साल में दूसरी बार बिजली का बिल लोगों का बढ़ जाएगा, क्योंकि एक अगस्त से बिजली विभाग ने भी अधिकतम 16 फीसदी तक दाम बढ़ाए हैं।
शहर के लोगों के घरों में जो बिजली का बिल आता है, उसमें प्रति यूनिट 10 पैसा एमसी टैक्स लगता है। यह टैक्स दिसंबर 2019 में लगाया गया था। इससे नगर निगम को सालाना 15 से 16 करोड़ रुपये की आमदनी होती है। निगम ने कहा है कि पंजाब में बिजली की खपत पर दो प्रतिशत का म्युनिसिपल टैक्स लगाया जाता है, जो करीब 16 पैसा प्रति यूनिट होता है। हालांकि, हरियाणा में यह महज 8 पैसा प्रति यूनिट है। चूंकि, नगर निगम वित्तीय संकट से जूझ रहा है। निगम को राजस्व बढ़ाने के तरीके खोजने हैं इसलिए नगर निगम ने प्रस्तावित किया है कि बिजली के बिल पर लगने वाले एमसी टैक्स को 10 पैसे प्रति यूनिट से बढ़ाकर पंजाब की तर्ज पर 16 पैसे कर दिया जाए। निगम को उम्मीद है कि इससे उन्हें 15 से 16 करोड़ की जगह हर साल 22 से 23 करोड़ रुपये की आमदनी होने लगेगी। इस प्रस्ताव पर 23 नवंबर को चर्चा होगी। अगर पार्षदों ने पास कर दिया तो प्रशासन को नोटिफिकेशन के लिए भेजा जाएगा।
चुनाव के समय आप ने एमसी टैक्स को खत्म करने का किया था वादा
वर्ष 2021 में नगर निगम के चुनाव हुए थे। चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी ने 16 दिसंबर 2021 को अपना मेनिफेस्टो जारी किया था, जिसे आप ने घोषणा पत्र कहा था। उसमें कई वादों के साथ यह भी कहा था कि वह बिजली के बिलों में नगर निगम की ओर से लगाए जाने वाले एमसी टैक्स को वह खत्म करेंगे। अब यही आम आदमी पार्टी टैक्स को खत्म करना तो दूर करीब 60 फीसदी बढ़ाने का प्रस्ताव लेकर आई है।
संस्था ने नहीं भरा 17 लाख का पानी का बिल, अब निगम भरेगा
नगर निगम में अप्रैल 2008 में पीपल फॉर एनिमल्स संस्था को सेक्टर-25 में गौशाला चलाने का काम सौंपा था। संस्था ने अगस्त 2023 तक सेक्टर-25 में गोशाला चलाई। इस दौरान उन्होंने करीब 17 लाख रुपये के पानी के बिल का भुगतान नहीं किया जो, अब 20.89 लाख रुपये हो गए हैं। लगातार बढ़ रहे बिल की वजह से गोशाला का पानी का कनेक्शन कट सकता है। इससे गाएं प्रभावित हो सकती हैं इसलिए बैठक में यह प्रस्ताव लाया जा रहा है कि पानी के बिल को फिलहाल निगम भर दे। इस बीच पीपल फॉर एनिमल्स संस्था से बकाया वसूल करने की कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही शहर के 926 डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्टर्स के साथ नगर निगम के एमओयू को 30 अप्रैल 2025 तक एक्सटेंशन देने का भी एजेंडा आएगा। सदन बैठक में केबल ऑपरेटर के ग्राउंड रेंट को हर साल 10 से 20 फीसदी बढ़ाने और सेक्टर-25 व मलोया के गोशाला में कैटल फीड पहुंचाने के वर्तमान टेंडर को एक्सटेंशन देने का भी एजेंडा लाया जाएगा।