चंडीगढ़ में गर्मी ने अभी पूरी तरह दस्तक भी नहीं दी है लेकिन बिजली और पानी की समस्या ने लोगों की नींद उड़ा दी है। तापमान 39 डिग्री के करीब पहुंचते ही बिजली की मांग 268 मेगावॉट तक जा पहुंची है, जबकि शहर के कई इलाकों में जलापूर्ति भी चरमराने लगी है। गांवों-कॉलोनियों में बुरा हाल है। बहुमंजिला इमारतों में ऊपरी मंजिलों तक पानी नहीं पहुंच रहा, पानी के टैंकरों की मांग लगातार बढ़ रही है।
बिजली की शिकायत को लेकर रोजाना 250 से अधिक फोन घनघना रहे हैं। गर्मियों के बढ़ते ही बिजली के कट बढ़ गए हैं। इसके दो कारण है। अधिकतम कट भीषण गर्मी से पहले बिजली लाइन की हो रही मरम्मत के वजह से लग रहे हैं, जबकि दूसरा कारण गांवों-कॉलोनियों में बढ़ रहे लोड की वजह से है। घरों में एसी की संख्या बढ़ रही है लेकिन लोग लोड नहीं बढ़वा रहे हैं।
हालांकि, बिजली जानकारों का कहना है कि शहर में बिजली की लाइनें बहुत पुरानी हो चुकी हैं। इस वजह से भी बिजली की समस्या अब ज्यादा होने लगी है। उधर, चंडीगढ़ पावर डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (सीपीडीएल) का कहना है कि शहर के 17 ग्रिड सब-स्टेशनों में पावर ट्रांसफार्मर और 66केवी/11केवी स्विचगियर उपकरणों की कंडीशन मॉनिटरिंग की जा रही है।
दावा किया जा रहा है कि भीषण गर्मियों में ज्यादा पावर शटडाउन न हो इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कुल 200 में से 159 इनडोर 11केवी सब-स्टेशनों में मेंटेनेंस कार्य पूरा कर लिया गया है और अब तक कुल 2541 खराब मीटर बदले जा चुके हैं।