अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा की सभी दस लोकसभा सीटों व करनाल उपचुनाव के लिए चुनाव प्रचार वीरवार शाम छह बजे थम गया। राज्य की इन सभी सीटों पर 25 मई को सुबह सात बजे से लेकर शाम छह बजे तक वोट डाले जाएंगे। हरियाणा में सभी दस सीटों पर कुल 223 व उपचुनाव के लिए नौ उम्मीदवार मैदान में हैं। मतदान के लिए चुनाव आयोग ने पूरी तैयारियां कर ली हैं। मतदान पार्टियां 24 मई को मतदान केंद्रों के लिए रवाना होंगी। वहीं, बैलेट पेपर के जरिए मतदान की प्रक्रिया चल रही है।
हरियाणा के मुख्य चुनाव निर्वाचन अधिकारी अनुराग अग्रवाल ने कहा कि चुनाव डयूटी पर जा रहे मतदान दल के कार्य में अगर कोई असामाजिक तत्व या राजनीतिक पार्टियां अपने प्रभाव के चलते उनकी ड्यूटी में किसी प्रकार की खलल डालते हैं तो उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि मतदान केंद्र के अंदर यदि किसी व्यक्ति का आचरण सही नहीं है या पीठासीन अधिकारी के आदेशों की अवहेलना करता है तो उसे केंद्र से बाहर निकाल दिया जाएगा।
2286 पोलिंग बूथ संवेदनशील, अर्द्धसैनिक बल होंगे तैनात
राज्य में 2286 पोलिंग बूथों को संवेदनशील श्रेणी में रखा है। इन बूथों पर पिछले चुनाव में 90% से अधिक या 75% से अधिक वोट एक ही उम्मीदवार के पक्ष में वोट पड़ा था या फिर 10% से कम मतदान हुआ था। इन सभी पोलिंग स्टेशनों पर अर्द्धसैनिक बल तैनात होगा। इसके साथ ही माइक्रो पर्यवेक्षक तैनात होंगे, जो सीधे पर्यवेक्षक को रिपोर्ट करेंगे। वहीं, राज्य में 176 वल्नरेबल बूथ चिहिन्त किए गए हैं। यह वह बूथ होते हैं, जहां मतदाताओं को डराया या धमकाया जा सकता है या फिर मतदाताओं को वोट डालने से रोका जाए। इन बूथों में व्यवधान डालने वाले लोगों की एक सूची पुलिस व जिला प्रशासन को दी जाती है। साथ इन पोलिंग बूथ पर भी विशेष नजर रखी जाती है। प्रदेश में अर्द्धसैनिक बलों की 110 कंपनियां मिल चुकी हैं। साढ़े छह हजार होमगार्ड भी ड्यूटी में तैनात रहेंगे।
...तो होगी दो साल की सजा
यदि कोई व्यक्ति किसी मतपत्र या ईवीएम या किसी मतपत्र या ईवीएम पर लगे आधिकारिक चिह्न को नष्ट करता है या किसी मतपेटी में मतपत्र के अलावा कुछ भी डाल देता है या प्रतीक/नाम/पर कोई कागज, टेप आदि चिपकाता है तो कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है। यदि यह अपराध चुनाव डयूटी पर तैनात किसी अधिकारी या क्लर्क द्वारा किया जाता है तो तो 2 साल की कैद या जुर्माना या दोनों सजाएं हो सकती हैं। यदि यह अपराध किसी अन्य व्यक्ति द्वारा किया जाता है तो उसे 6 माह की कैद या जुर्माना या दोनों सजाएं हो सकती हैं।