लोकसभा चुनाव में सभी सीटों पर जमानत जब्त के बाद चार माह से अज्ञातवास काट रहे अशोक अरोड़ा का राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा देना इनेलो के लिये तगड़ा झटका है। करीब 15 साल इनेलो के प्रदेशाध्यक्ष रहे अरोड़ा ने हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में सभी सीटों पर पार्टी की करारी हार के बाद इस्तीफा दिया था, लेकिन पार्टी सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला ने उन्हें राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष बना दिया था। अशोक अरोड़ा लोकसभा चुनाव के परिणाम आने से अब तक चुप्पी साधे हुए थे, जिसे मंगलवार को समर्थकों की रायशुमारी के बाद उन्होंने तोड़ा।
मंगलवार को इनेलो के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं हरियाणा के पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा ने अपने समर्थकों से आगामी रणनीति को लेकर रायशुमारी की थी। सन्निहित सरोवर स्थित पंजाबी धर्मशाला में समर्थकों की बैठक में भावुक होते हुए अरोड़ा ने कहा कि चौधरी ओम प्रकाश चौटाला ने उन्हें अपने बेटों से ज्यादा प्यार दिया और जो मान सम्मान पार्टी व थानेसर हलके की जनता ने दिया वे उसका अहसान कभी नहीं चुका सकते।
इनेलो के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरोड़ा ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि चौटाला परिवार में आपसी फूट के कारण पार्टी आज इस हालात में पहुंच गई है कि लोकसभा चुनाव में पार्टी की जो दुर्दशा हुई वह किसी से छिपी हुई नहीं है। वह इनेलो छोड़ना नहीं चाहते थे लेकिन कार्यकर्ताओं व थानेसर हलके के विकास के लिए उन्होंने इनेलो से त्यागपत्र दे दिया। अरोड़ा ने कहा कि वे ओम प्रकाश चौटाला से मिलकर नई राजनीतिक पारी शुरू करने के लिए उनका आशीर्वाद लेंगे और माफी भी मांगेंगे।