फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंजाब: पठानकोट में गड्ढे में डूबने से बच्चे की मौत, लुधियाना में बुजुर्ग ने नहर में छलांग लगा दी जान

Wed, 14 Jul 2021 11:04 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, पठानकोट/लुधियाना/रोपड़ (पंजाब)

सार

पंजाब के पठानकोट में खेलते वक्त पैर फिसलने से 10 साल के बच्चे की गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। उधर, लुधियाना में 60 साल के बुजुर्ग ने नहर में छलांग लगाकर जान दे दी। बताया जा रहा है कि बुजुर्ग दूसरी शादी के बाद भी औलाद न होने से परेशान था।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पठानकोट के नरोट जैमल सिंह में अपनी मौसी के घर छुट्टियां बिताने आए 10 वर्षीय बालक की पानी से भरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। मंगलवार देर शाम मौसी के घर से कुछ ही दूरी पर खेलने गए साहिल का पैर फिसल गया और वह गहरे गड्ढे में गिर गया। कुछ लोगों ने उसे निकाला और नरोट जैमल सिंह अस्पताल लेकर गये, वहां से उसे रेफर कर दिया गया।

विज्ञापन


पठानकोट सिविल अस्पताल में पहुंचकर साहिल की मौत हो गई। साहिल के पिता रछपाल सिंह निवासी गांव सुंदरचक्क ने बताया कि कुछ दिन पहले उसका बेटा साहिल नरोट जैमल सिंह में अपनी मौसी के घर गया था। 

मंगलवार शाम के करीब छह बजे वह गांव के बाहर ही कुछ दूरी पर खेलने चला गया। इसी दौरान बरसाती पानी से भरे गहरे गड्ढे में उसका पैर फिसल गया और वह गड्ढे में गिर गया, जिसे गांव के कुछ लोगों ने बाहर निकाला और उसके लड़के को तुरंत नरोट अस्पताल में भर्ती करवाया, परंतु नरोट अस्पताल में डॉक्टर न होने के कारण मौजूदा स्टाफ ने उन्हें पठानकोट रेफर कर दिया। वहां डॉक्टरों ने बेटे को मृत घोषित किया। 
विज्ञापन


इसके बाद गांववासियों ने स्वास्थ्य विभाग और पंजाब सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। लोगों ने कहा कि सीमावर्ती कस्बे नरोट जैमल सिंह में सेहत सुविधाएं उपलब्ध न होने से साहिल की मौत हुई है। अगर समय रहते साहिल को उपचार मिल जाता तो उसकी जान बच सकती थी। 

वहीं, नरोट जैमल सिंह अस्पताल के एसएमओ डॉ. रविकांत ने कहा कि बच्चे के पानी में डूबने का मामला उनके भी ध्यान में है, मगर डॉक्टरों की कमी के चलते उसे पठानकोट रेफर कर दिया गया था। नरोट थाना प्रभारी प्रीतम लाल का कहना है कि बच्चे के परिजनों ने कोई भी कार्रवाई करवाने से इनकार किया है और बच्चे का शव परिजनों को सौंप दिया गया है।

लुधियाना: दूसरी शादी से भी नहीं हुई औलाद तो नहर में कूदकर दी जान
दूसरी शादी के बाद भी औलाद न होने पर मराडो इलाके में रहने वाले जुगल किशोर (60) ने नहर में कूदकर जान दे दी। लोगों को शव दिखा तो इसकी सूचना पुलिस को दी गई। मराडो चौकी पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है। 

मृतक के भांजे ने बताया कि जुगल किशोर अकेला रहता था। उसकी दूसरी पत्नी भी छोड़कर जा चुकी थी। दूसरी शादी से भी बच्चा न होने से वह परेशान रहता था। जुगल किशोर दिन भर इधर-उधर घूमने के बाद शाम को उनके घर चला जाता था। बुधवार सुबह सात बजे जुगल किशोर घर से निकला तो उसने शराब पी रखी थी।
विज्ञापन

ईशर नगर पुलिया पर बैठे-बैठे अचानक उसने नहर में छलांग लगा दी। तेज पानी का बहाव उसे अपने साथ बहा ले गया। दुगरी पुल से थोड़ा आगे गोताखोरों ने उसे बाहर निकाला। मगर तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस का कहना है कि आत्महत्या के कारणों की जांच की जा रही है। 

रोपड़: भाखड़ा नहर से निकाली डूबी इनोवा कार
रोपड़-नंगल रोड़ पर भाखड़ा नहर से इनोवा कार बरामद हुई है। गांव मलिकपुर के पास कुछ लोगों ने सुबह नौ बजे के करीब एक इनोवा कार (एचपी 24 डी 2800) को भाखड़ा नहर में उतराते देखा तो तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दी। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने कार की तलाश शुरू कर दी और दोपहर को गोताखोरों की सहायता से कार को नहर में से बाहर निकाला।

इस दौरान कार में कोई व्यक्ति नहीं मिला और न ही कार में से कोई दस्तावेज मिले। गोताखोरों ने नहर में काफी तलाश की, इस दौरान नहर से एक मोटरसाइकिल भी मिला है। जबकि जानकारी के अनुसार हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर निवासी सुभाष गर्ग (51) पुत्र जीता राम सुबह इनोवा कार लेकर घर से निकले थे लेकिन इसके बाद उनके बारे में कुछ पता नहीं लग सका है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें