चंडीगढ़ के सेक्टर-22 में आइलेट्स का कोर्स करने वाली पंजाब के बरनाला निवासी युवती की हत्या के आरोपी एनआरआई को चंडीमंदिर थाना पुलिस ने आठ साल बाद गिरफ्तार कर लिया है।
यह हत्या 2006 में हुई थी और कोर्ट ने वर्ष 2013 में आरोपी एनआरआई को भगोड़ा घोषित कर दिया था।
इसके बाद उसके खिलाफ रेड कार्नर भी जारी हो गया था। आरोपी वीरवार को फिलिपींस से बरनाला पहुंचा और पुलिस ने मुखबिरी के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार देर रात तक उससे पूछताछ जारी थी।
इस दौरान उसने इतना जरूर बताया कि उसकी शादी नहीं हो रही थी, जिससे वह परेशान था और युवती उससे शादी नहीं करना चाहती थी। लेकिन, खबर लिखे जाने तक उसने हत्या की बात नहीं स्वीकार की थी।
चंडीमंदिर पुलिस के अनुसार, मई 2006 में सेक्टर-27 में युवती का शव मिला था। उसके पास मिले दस्तावेज के आधार पर युवती की पहचान बरनाला पंजाब निवासी रमनप्रीत कौर के तौर पर हुई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि दुपट्टे से गला दबाकर उसकी हत्या की गई थी।
पहले तो अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया, लेकिन बाद में युवती की मां अमरजीत कौर की शिकायत पर एनआरआई कुलदीप सिंह के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया।
लावारिस छोड़ दिया था शव
सूत्रों का कहना है कि कुलदीप के साथ रमनप्रीत की इनगेजमेंट हो चुकी थी, जो बाद में टूट गई। इसके बावजूद दोनों में बातचीत जारी थी।
रमनप्रीत सेक्टर-23 चंडीगढ़ में बतौर पीजी रहकर सेक्टर-22 में आइलेट्स का कोर्स करती थी। इसी बीच एक दिन कुलदीप चंडीगढ़ आया और उसे गाड़ी में लेकर पंचकूला आ गया।
आरोप है कि इसी बीच रास्ते में उनके बीच किसी बात पर बहस हुई और सेक्टर-27 पंचकूला हर्बल पार्क में कुलदीप ने उसी के दुपट्टे से गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को लावारिस छोड़कर फरार हो गया।
फिलिपींस में है बिजनेस
चंडीमंदिर थाना पुलिस को किसी ने लावारिस लाश होने की सूचना दी और पहले अज्ञात के खिलाफ, फिर युवती की मां की शिकायत के बाद कुलदीप पर हत्या का केस दर्ज किया गया, लेकिन वह फरार था।
पुलिस की जांच में पता चला कि कुलदीप फिलिपींस भाग चुका है, क्योंकि वहीं उसका बिजनेस है और उसके परिवार के कई अन्य सदस्य भी विदेशों में सेटल हैं।
ऐसे हत्थे चढ़ा
कुलदीप सिंह के खिलाफ रेड कार्नर जारी था, लेकिन फिलिपींस से दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरते समय वह पुलिस की नजर से बच गया। इधर पंचकूला पुलिस ने भी मुखबिर छोड़ रखा था।
शुक्रवार को चंडीमंदिर थाना पुलिस को जानकारी मिली कि कुलदीप अपने घर बरनाला पहुंच चुका है। चंडीमंदिर थाना के एसएचओ अरविंद कुमार के नेतृत्व में टीम बनी और उसे गिरफ्तार कर लिया।