चंडीगढ़ में पार्किंग की समस्या दिनोंदिन गंभीर होती जा रही है। वीकेंड पर बाजारों में गाड़ी खड़ी की भी जगह ही नहीं मिलती। दूसरी तरफ, नगर निगम के क्षेत्राधिकार में आने वाले नौ अंडरग्राउंड पार्किंग में से आठ बंद हैं। सिर्फ सेक्टर-17 के अंडरग्राउंड पार्किंग में वाहन खड़े हो रहे हैं।
सेक्टर-8 के अंडरग्राउंड पार्किंग में मरम्मत का काम चल रहा है। इस बीच सेक्टर-22 और सेक्टर-9 में अंडरग्राउंड पार्किंग बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। लोगों का कहना है कि पुराने पार्किंग स्थलों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा और नए बनाने पर जोर दिया जा रहा है। शहर में पार्किंग को लेकर पिछले कई वर्षों से चिंता जताई जा रही है लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ खास काम नहीं हुआ है।
सबसे ज्यादा बंद पार्किंग सेक्टर-17 में है। यहां पर पांच अंडरग्राउंड पार्किंग बंद हैं जबकि सेक्टर-8 में मौजूद दो अंडरग्राउंड पार्किंग बंद किए गए हैं। सेक्टर-8 के एक अंडरग्राउंड पार्किंग के मरम्मत का काम चल रहा है। सेक्टर-9 और 22 में अंडरग्राउंड पार्किंग की जरूरत है या नहीं, इसको लेकर नगर निगम ने डिमांड असेसमेंट स्टडी करने का फैसला किया है। इस पर काम चल रहा है। निगम को कुल तीन महीने में रिपोर्ट भी देनी है। वहीं, लोगों का कहना है कि करोड़ों खर्च कर पहले जो अंडरग्राउंड पार्किंग बनाए गए हैं, पहले उन पर काम करना चाहिए। सेक्टर-17 में भीषण समस्या है लेकिन वहीं पर पांच पार्किंग बंद हैं।
एडवाइजरी काउंसिल की बैठक में भी उठा था मुद्दा
पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया की अध्यक्षता में कुछ दिन पहले हुई एडवाइजरी काउंसिल की बैठक में भी पार्किंग का मुद्दा उठा था। एक स्थायी समिति के अध्यक्ष आरके साबू ने कहा था कि सेक्टर-8, 9 और 22 के साथ कई इलाकों में पार्किंग की भीषण समस्या है। प्रशासन को भीड़भाड़ वाले सेक्टरों में अंडरग्राउंड पार्किंग की सुविधा देनी चाहिए। यहां एसी और इलेक्ट्रिक लिफ्ट की भी व्यवस्था होनी चाहिए।
स्मार्ट पार्किंग के लिए निगम ने जारी किया है आरएफपी
पीपीपी मॉडल पर स्मार्ट पार्किंग सोल्यूशन के डिजाइन, विकास, कार्यान्वयन, संचालन और रखरखाव के लिए कंपनी के चयन के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) जारी किया है। चार अक्टूबर को बोली खुलेगी। प्रस्ताव के अनुसार शहर की 89 पेड पार्किंग को स्मार्ट किया जाना है। सभी पार्किंग आईसीसीसी से कनेक्टेड होंगे। पार्किंग में अलग-अलग एंट्री-एग्जिट प्वाइंट होंगे। फास्टैग से पेमेंट की सुविधा और क्यूआर कोड से पेमेंट की सुविधा मिलेगी। पार्किंग की जगह की प्री बुकिंग भी लोग कर सकेंगे। ऑटोमेटिक बूम बैरियर्स और पार्किंग गाइडेंस सिस्टम लगाया जाएगा। हालांकि इसे पूरी तरह से लागू करने में एक साल का समय लग सकता है।